इंडियन प्रीमियर लीग, इंडियन हॉकी लीग और इंडियन बैडमिंटन लीग के बाद अब देश में इंडियन वॉलीबाल लीग की शुरुआत होगी।
आयोजन की रूपरेखा तैयार
यानी अन्य खेलों के तरह वॉलीबाल खिलाड़ियों पर भी धनवर्षा होगी। लोकसभा चुनाव के बाद लीग की शुरुआत दिल्ली से होगी।
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बाकायदा इसके लिए चेन्नई स्पाइकर्स नाम से टीम भी बन चुकी है, जिसे आयोजन की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
वॉलीबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव रामअवतार जाखड़ ने बताया कि लीग के तहत आठ टीमों के बीच लीग कम नॉकआउट आधार पर मैच होंगे। आईवीएल के मैच दिल्ली के अलावा चेन्नई, बंगलूरू, मुंबई, जयपुर, कोलकाता सहित कई शहरों में होंगे।
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आठ घरानों की टीमों का एक घरेलू मैदान होगा। टीम आसपास के राज्य को होमग्राउंड बना सकती है। रामअवतार ने बताया कि टीमों में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और जूनियर वर्ग के खिलाड़ियों के लिए जगह तय होगी।
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हर टीम अपने साथ 20-25 खिलाड़ियों को जोड़ सकती है, लेकिन प्लेइंग-12 में अंतरराष्ट्रीय, सीनियर और जूनियर खिलाड़ियों की संख्या तय की गई है। उन्होंने बताया कि जयपुर की भी एक टीम बन रही है, जो द रॉयल राजस्थान के नाम से शामिल होगी।
सुलझ सकता है विवाद
जूनियर नेशनल वॉलीबाल चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचे इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन अध्यक्ष अभय चौटाला ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ के साथ चल रहे विवाद के जल्द सुलझने के संकेत दिए हैं।
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उन्होंने कहा कि नौ फरवरी को दिल्ली में बैठक बुलाई गई है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ से मिले निर्देशों के संबंध में चर्चा होगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
सूत्रों की मानें तो भारतीय ओलंपिक संघ चार मुद्दों पर आईओए से सहमत हो गया है। इसके बाद दागी व्यक्ति शायद दोबारा चुनाव न लड़ सकें।