घरड़ा गांव के अर्जुन बीते सात वर्षों से न्यूजीलैंड में रह रहे हैं। करीब चार वर्ष पूर्व उनके होटले ने पार्ट टाइप नौकरी के लिए एक विज्ञप्ति जारी की थी। इंटरव्यू देने ट्रोडी भी होटल पहुंची और उसका चयन हो गया।
इसके बाद अर्जुन उससे बातचीत करता रहता। लेकिन सात माह बाद उसकी अन्यत्र अच्छी नौकरी लग गई। लेकिन दोनों का मोबाइल पर बातचीत का सिलसिला बना रहा।
बात घरवालों तक पहुंची तो अर्जुन के पिता विजय सिंह ने ट्रोडी के माता-पिता से फोन पर बातचीत की। इसके बाद दोनों की सगाई कर दी गई। इसके बाद चार दिन पूर्व गांव के मंदिर में दोनों का विवाह भी हो गया।