रिक्रूट देवेंद्र सिंह संभल की अर्थी को ले जाने में सेना के जवानों और स्थानीय लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रधान युगल किशोर ने बताया कि पदमपुरी-हैड़ाखान मोटर मार्ग बीच में 200 मीटर क्षतिग्रस्त होने से रिक्रूट की अर्थी को छह किमी कंधे पर घाट तक लाया गया।
ग्रामीण क्षतिग्रस्त मोटर मार्ग को सही कराने की मांग करते रहे हैं, लेकिन मांग पूरी नहीं की जा सकी। ग्रामीणों ने उक्त मार्ग को सिमलिया-सलनी मोटर मार्ग से जोड़ने की मांग की है। रिक्रूट देवेंद्र सिंह संभल के अंतिम संस्कार में जिला प्रशासन के अधिकारियों के न पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।