सेना की ब्रिगेड ने उत्तराखंड के जोशीमठ की कैंटीन में उपलब्ध मैगी के करीब एक लाख 60 हजार पैकेटों को आग के हवाले कर दिया।
सेना ने मैगी के इस भंडार को कंपनी से वापस लेने को कहा था। लेकिन वापस लेने के लिए कंपनी के प्रतिनिधि के नहीं पहुंचने रविवार को ब्रिगेड को स्वयं इसे नष्ट करना पड़ा। बताया जाता है कि जिले के दूरस्थ गांवों और हेमकुंड साहिब यात्रा पैदल मार्ग पर मैगी अभी भी धड़ल्ले से बिक रही है।
मैगी पर प्रतिबंध के बाद जिले में सेना की ब्रिगेड ने मैगी के उपयोग को पूर्ण से प्रतिबंधित कर दिया था। सेना की कैंटीनों में मैगी की बड़े पैमाने पर सप्लाई होती थी। इसके चलते जोशीमठ की कैंटीन में मैगी के करीब एक लाख 60 हजार पैकेट उपलब्ध थे।
कंपनी की ओर से माल बाजार से नहीं हटाए जाने के बाद सेना के जवानों ने रविवार को मैगी के सभी पैकैटों में आग लगा दी। सूत्रों के अनुसार कंपनी की ओर से मैगी वापस नहीं लिए जाने के चलते व्यापारियों ने मैगी की सप्लाई ग्रामीण इलाकों में कर दी।
जिले के दूरस्थ गांवों और हेमकुंड यात्रा के पैदल यात्रा मार्ग पर मैगी की बिक्री अभी भी जारी है। डिप्टी सीएमओ बीएस पाल का कहना है कि टीम लगातार छापेमारी कर रही है। इसके बावजूद चोरी छिपे मैगी की बिक्री की शिकायत मिलती है तो मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।