ड्यूटी पर तैनात सेना के अधिकारियों ने बताया कि युवकों के पास बुलंदशहर और मुजफ्फर नगर के शैक्षणिक प्रमाणपत्र थे, जबकि उनका मूल निवास हरिद्वार और देहरादून का था। प्रमाणपत्रों के फर्जी होने का अंदेशा होने पर उनसे हाईस्कूल पास करने का वर्ष पूछा गया, जिस पर वे जवाब नहीं दे सके।
प्रमाणपत्रों की जांच के बाद सही पाए गए 2432 युवकों को कैंप के बलवीर सिंह स्टेडियम में लाया गया, जहां पर आयोजित 1600 मीटर दौड़ में 382 युवकों ने सेना के मानकों के अनुरूप दौड़ पूरी की। इसके बाद युवकों का डिजिटल पंजीकरण और शारीरिक परीक्षण किया गया। सेना भर्ती अधिकारी विनीत बाजपेयी ने बताया कि भर्ती रैली के दौरान पूरी पारदर्शिता अपनाई जा रही है।
युवा दलालों के चक्कर में फंसकर फर्जी प्रमाणपत्रों माध्यम से भर्ती होने का प्रयास करते हैं। अब 01 जनवरी 2021 (शुक्रवार) को देहरादून जिले की चकराता, विकासनगर और त्यूनी तहसील क्षेत्र के युवाओं की भर्ती आयोजित की जाएगी।