भारत का स्विटजरलैंड कहा जाने वाला औली हर साल हजारों पर्यटकों को अपनी ओर आर्कषित करता है। देश ही नहीं विदेशों में भी यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्घ है।
इतना ही नहीं अधिकर बर्फबारी होने के मद्देनजर यहां हर साल सैफ विंटर गैम्स आयोजित किए जाते हैं। उत्तराखंड के प्रसिद्ध हिम क्रीड़ा स्थली औली तक पहुंचने के लिए जोशीमठ से 4.1 किमी का रोपवे कंप्यूटर से संचालित किया जा रहा है।
पावर जनरेटर स्थापित
पहले अत्यधिक बर्फबारी होने से रोपवे में खराबी आ जाती थी, जिस सही करने में काफी समय लगता था, लेकिन अब इसे शीघ्र ठीक किया जा सकेगा।
इन दिनों रोपवे का नवीनीकरण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। रोपवे के संचालन में अब तक तीन जनरेटर कार्य कर रहे थे। अब यहां एक पावर जनरेटर स्थापित किया गया है।
भारी बर्फबारी के बावजूद पर्यटक रोपवे से औली का दीदार कर सकेंगे। साथ ही ट्राली में लाइटिंग की व्यवस्था भी की जा रही है। वर्ष 2011 के जनवरी माह में औली में सैफ गेम्स हुए थे। तब से जोशीमठ-औली रोपवे बंद है।
नजदीकी रेलवे स्टेशन हरिद्वार
ऐसे में पर्यटन व्यवसाय को भी लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। वर्ष 2012 में जीएमवीएन ने रोपवे को ठीक करने के लिए टेंडर आमंत्रित किए। इसके बाद स्पेज ऐज एजेंसी ने रोपवे को ठीक करने का जिम्मा लिया।
औली का नजदीकी रेलवे स्टेशन हरिद्वार है। हरिद्वार से लगभग 275 किलोमीटर दूर जोशीमठ से 16 किलोमीटर दूर ऑली स्थित है।
उत्तराखंड के सबसे ऊपरी भाग पर स्थित औली भारत का सबसे बड़ा स्कीइंग स्थल है जो कि लगभग 3 किलोमीटर लंबा ढलान है। वैसे तो यहां हर समय तापमान 0 डिग्री से नीचे रहता है मगर फ़िर भी यहां आने के लिए दिसम्बर से मार्च तक का समय ठीक रहता है।
'बुग्याल' जरूर देखें
यहां का तेज रफ्तार केबल सिस्टम देवदार के पेडों पर से होते ढलानों के उपरी छोर तक पहुंचाता है। यहां ढलानों के रख रखाव के लिए आयातित स्नो पेकिंग मशीनों की व्यवस्था है।
गढ़वाल विकास निगम द्वारा स्कीइंग प्रशिक्षण कार्यक्रम जनवरी से मार्च तक चलाया जाता है। यहां आएं तो यहां 3048 मीटर की ऊंचाई पर स्थित चारागाह 'बुग्याल' जरूर देखें।
यहां से हिमालय का नजारा इतना अदभुत दिखता हे कि आप देखते ही रह जाएँगे यहाँ पर स्कीइंग की सुविधा भी उपलब्ध है।