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नेपाल के प्रधानमंत्री ने कहा 'कालापानी और लिपुलेख को वापस लेकर रहेंगे'

Wed, 20 May 2020 01:43 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, बनबसा
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नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली - फोटो : File Photo
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नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा कि कालापानी, लिंपियाधूरा और लिपुलेख हमारा है। हम उसे वापस लेकर रहेंगे। इस मामले में सत्य की जीत होगी।
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यह भी पढ़ें: उत्तराखंड: कालापानी और लिपुलेख को नेपाल का हिस्सा बताने पर सीमांत के लोगों ने जताई नाराजगी, कही ये बात


भारत की ओर से लिपुलेख तक सड़क बनाने के बाद से तल्ख तेवर दिखा रहे नेपाल ने सीमा विवाद के बीच दुस्साहस दिखा नया नक्शा जारी किया है, जिसमें भारत के कालापानी, लिंपियाधूरा और लिपुलेख को अपना हिस्सा बताया है।
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इस  बीच नेपाल के एक युवा संगठन ने लिपुलेख में नेपाल का झंडा फहराने का एलान कर नेपाल में यात्रा शुरू कर दी है। पीएम ओली ने कहा है कि भारत ने कालापानी, लिपुलेख आदि जगहों पर सेना रखकर उसे विवादित इलाका बना दिया है।

इसके बाद वहां नेपाली लोगों के जाने पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ नेपाल की दोस्ती के लिए जरूरी है कि ऐतिहासिक गलतफहमियों को दूर किया जाए। 
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'हमारी भूमि पर कब्जा कर उसे विवादित बनाया गया है'

पीएम ओली ने संसद में कहा कि वर्तमान सरकार की ओर से प्रधानमंत्री की हैसियत से अवगत कराना चाहता हूं कि लिपुलेख, लिंपियाधूरा और कालापानी का विषय ओझल नहीं होने दूंगा। हमारी भूमि पर कब्जा कर उसे विवादित बनाया गया है। 

कहा कि कूटनीतिक माध्यम से वार्ता करके भूमि वापस लाएंगे। उन्होंने मंत्री परिषद से नेपाल का नया झंडा जारी होने की जानकारी देते हुए कहा कि एक दो दिन में उसे सार्वजनिक किया जाएगा। वहीं चीन ने कहा कि यह भारत और नेपाल का आपसी मामला है इसमें हम दखल नहीं देंगे। 

बता दें कि नेपाल ने पिछले हफ्ते उत्तराखंड के धारचूला को लिपुलेख पास से जोड़ने वाली सड़क के उद्घाटन पर विरोध जताया था। नेपाल का दावा है कि यह निर्माण उसकी सीमा में हुआ है, जबकि भारत इस पर अडिग है कि पिथौरागढ़ जिले का यह हिस्सा पूरी तरह भारतीय सीमा में है।
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