नेपाल सरकार की भूमि व्यवस्था सहकारी एवं गरीबी निवारण मंत्री पद्मा अर्याल ने अपने मंत्रालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में नए नक्शे का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि नेपाल को विश्वास है कि इस नए नक्शे पर भारत का रुख सकारात्मक होगा।
उन्होंने भारत के साथ द्विपक्षीय वार्ता में जल्द विवाद सुलझने की उम्मीद जताई। नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के प्रमुख सलाहकार बिष्णु रिमाल ने भी बुधवार को नए नक्शे को ट्विटर पर जारी किया। नेपाल सरकार इस नक्शे पर 18 मई को ही मुहर लगा चुकी थी।
नए नक्शे के मुताबिक अब नेपाल का नया क्षेत्रफल 1 लाख 47 हजार 5 सौ 16 वर्ग किलोमीटर है। इस नए नक्शे में लिपुलेख, कालापानी, लिम्यिाधूरा सहित करीब 372 वर्ग किमी क्षेत्र को नेपाल में दर्शाया गया है। इस नक्शे के माध्यम से नेपाल भारत पर 372 वर्ग किलोमीटर भूमि को अतिक्रमण किए जाने की बात कह रहा है।
लिपुलेख तक सड़क के उद्घाटन के बाद से गरमाया विवाद
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा 8 मई को लिपुलेख तक जाने वाली सड़क के उद्घाटन करने के बाद से यह विवाद गरमाया हुआ है। नेपाल का दावा है कि यह सड़क नेपाल से होकर गुजरती है। बगैर उसकी सहमति के कोई भी देश ऐसा कैसे कर सकता है। उत्तराखंड से लगी सीमा के आसपास के इलाकों में नेपाल के नए नक्शे का विरोध हो रहा है।