नेपाल की ओर से नया नक्शा जारी करने के बाद ओली सरकार ने संविधान संशोधन बिल भी संसद में पेश कर दिया है। लेकिन नेपाल के सांसदों का मानना है कि इस विवाद से दोनों देशों के मैत्री पूर्ण संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
नेपाल के धार्चुला के सांसद दिलेंद्र प्रसाद बड़ू का कहना है कि कालापानी के विवादित क्षेत्र को लेकर दोनों देशों को बातचीत करनी चाहिए और इसका हल खोजना चाहिए। जिससे भारत के साथ रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं बैतड़ी के सांसद दामोदर भंडारी का कहना है कि इसे चीन के इशारे पर उठाया कदम बताना गलत है।
कंचनपुर क्षेत्र नंबर तीन महेंद्र नगर नेपाल के सांसद डॉ. दीपक प्रसाद भट्ट और पूर्व निर्दलीय सांसद नरेंद्र शाह का कहना है कि इस मुद्दे पर नेपाल के साथ सभी राजनीतिक दल एक राय हैं। दोनों देशों को प्रमाणिक आधार पर वार्ता कर इसका समाधान निकालना चाहिए।