फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत-नेपाल सीमा: भारतीय प्रशासन के आग्रह के बाद भी नो मेंस लैंड से नेपाल ने नहीं हटाया अतिक्रमण

Thu, 18 Mar 2021 08:23 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)

सार

  • टनकपुर से लगी सीमा पर अतिक्रमण विवाद 
  • नेपाल के अधिकारियों से फिर वार्ता का प्रयास 
  • कल सितारगंज में होगी एसएसबी के उच्च अधिकारियों की बैठक 
विज्ञापन
भारत-नेपाल सीमा पर नो मेंस लैंड पर किया गया अतिक्रमण - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय प्रशासन के आग्रह के बाद भी नेपाल ने सीमा पर नो मेंस लैंड पर किया गया अतिक्रमण नहीं हटाया। ब्रह्मदेव में पुलिया निर्माण के लिए खोदा गया गड्ढा और शांति पुनर्स्थापना गृह (पीसीआर) का टीनशेड जस का तस है। भारतीय प्रशासन नेपाल के अधिकारियों से वार्ता का फिर प्रयास कर रहा है। इधर, इस मामले को लेकर 20 मार्च को एसएसबी के उच्च अधिकारियों की सितारगंज में बैठक भी तय है।

विज्ञापन


नेपाल की ओर से नो मेंस लैंड पर आए दिन अतिक्रमण किया जा रहा है। पिछले दिनों नेपाल के ब्रह्मदेव बाजार के शुरुआती छोर में पुलिया से आगे विवादित भूमि पर नेपाल ने पहले शांति पुनर्स्थापना गृह का टीनशेड स्थापित किया और फिर उत्तरी छोर पर पुलिया निर्माण के लिए खोदाई शुरू की, जिसे भारतीय प्रशासन ने रुकवाया है। मंगलवार को एसडीएम हिमांशु कफल्टिया के नेतृत्व में एसएसबी और पुलिस अधिकारियों ने अतिक्रमण स्थल का निरीक्षण कर नेपाल के अधिकारियों को एक दिन के अंदर अतिक्रमण हटवाने को कहा था, लेकिन नेपाल की ओर से उस पर अमल नहीं हुआ है और अतिक्रमण पूर्ववत है।

एसडीएम का कहना है कि मामले में नेपाल के अधिकारियों से पुन: वार्ता का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस मसले को लेकर एसएसबी कैंप कार्यालय सितारगंज में 20 मार्च को एसएसबी के उच्च अधिकारियों की बैठक होनी है। इसके बाद ही एसएसबी के स्तर से अगले कदम उठाए जाएंगे।
विज्ञापन


युवक की पिटाई प्रकरण में दो पुलिस कर्मी निलंबित 
नई टिहरी के थौलधार ब्लाक में जुआ पट्टी के ग्राम नकोट में एक नेपाली मूल के युवक की पिटाई प्रकरण में एसएसपी तृप्ति भट्ट ने प्रथम दृष्ट्या दोषी पाए गए कांडीखाल पुलिस चौकी में कार्यरत दो पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। 

बताया गया कि यह घटना 12 मार्च को हुई थी, लेकिन शिकायत 17 मार्च को दर्ज कराई गई। एसएसपी ने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया में पुलिस द्वारा ग्रामीणों की पिटाई करने का भ्रामक प्रचार कर रहे हैं, जो कतई ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि मामले में दोषी पाए गए कांस्टेबल निखिल त्यागी और कांस्टेबल किरतन को 17 मार्च को ही निलंबित कर पुलिस क्षेत्राधिकारी महेश बिंजोला को जांच सौंपी गई है।

उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। नकोट के ग्रामीणों ने एसएसपी को दिए ज्ञापन में एक नेपाली युवक की पिटाई करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें