केंद्रीय शिक्षा मंत्री और हरिद्वार से सांसद रमेश पोखरियाल निशंक का कहना है कि स्कूली शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसी (एआई) को शामिल करने वाला भारत दुनिया का पहला देश है।
एआई की शिक्षा कक्षा छह से ही शुरू कर दी जाएगी
शनिवार को भाजपा कोर ग्रुप की बैठक के बाद पत्रकारों से मुखातिब केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एआई की शिक्षा कक्षा छह से ही शुरू कर दी जाएगी। उच्च शिक्षा तक पहुंचते-पहुंचते छात्रों के सामने किसी भी विषय का विकल्प उपलब्ध होगा।
एक साल में सर्टिफिकेट, दो साल में डिप्लोमा आदि की व्यवस्था
उच्च शिक्षा में क्रेडिट बैंक बनाया जाएगा। एक साल में सर्टिफिकेट, दो साल में डिप्लोमा आदि की व्यवस्था की गई है। 50 हजार करोड़ से देश में शोध का काम किया जाएगा।
हरिद्वार कुंभ के मामले में निशंक ने कहा कि कोरोनाकाल के दौरान शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षाएं तक संपन्न कराईं थीं। बिहार चुनाव के दौरान चुनाव आयुक्त ने भी कहा था कि शिक्षा विभाग की ओर से जारी मानकों के आधार पर चुनाव कराएंगे। कुंभ भी लोगों का ही है और मानकों का पालन करते हुए कुंभ का आयोजन किया जाएगा।
सभी लोग कुंभ में आएं, लेकिन नियमों का पालन जरूर करें
लोग आते हैं और सामाजिक दूरी सहित अन्य मानकों का पालन करते हैं तो किसी को कोई परेशानी नहीं होगी। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भी यही कहा है कि सभी लोग आएं, लेकिन नियमों का पालन जरूर करें। सभी लोग आ सकते हैं लेकिन सबको कोरोना से अपना और दूसरों के बचाव का ध्यान रखना होगा।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए स्कूलों को खोले जाने के सवाल पर निशंक ने कहा कि राज्यों को अनुमति दी जा चुकी है। ऑनलाइन शिक्षा पर भी जोर रहेगा और भारत के लिए सबसे सुखद स्थिति यह है कि कोरोना संक्रमण के बावजूद शून्य सत्र घोषित नहीं किया गया।