भारतीय सेना लद्दाख में अपने 20 जवानों की शहादत को नहीं भूली है और चीन की चाल को भी भलीभांति समझती है। यही वजह है कि सेना इस मोर्चे पर भी अतिरिक्त सतर्कता बरते हुए भविष्य में चीन की किसी भी तरह की चालबाजी का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद करने में जुटी हुई है।
व्यास घाटी में स्थित लिपुलेख तक अर्द्ध सैनिक बलों के साथ ही सेना के जवानों की तादात भी बढ़ा दी गई है। अब सेना दारमा घाटी की अग्रिम चौकियों में जवानों के लिए हट्स बनाने जा रही है। इसके लिए सामान पहुंचाया जा रहा है। सीमा पर सेना और आईटीबीपी के जवान चौबीस घंटे गश्त कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार लिपुलेख सीमा पर पूरी शांति बनी हुई है।