लद्दाख की सीमा पर चीन से लड़ने के लिए 23 रिटायर्ड गौरव सेनानियों के ग्रुप ने अपनी इच्छा जाहिर की है। इसके लिए उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इजाजत मांगी है।
गौरव सेनानियों का एक शिष्टमंडल सोमवार को एसडीएम विवेक राय से मिला। सूबेदार मेजर (रि.) नारायण सिंह बोरा (4 कुमाऊं रेंजीमेंट) ने बताया कि पिछले दिनों हुई घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। चीन की हरकत का जवाब देने के लिए उच्च तुंगता पद्धति स्कूल (एचएडब्ल्यूएस) लद्दाख के ट्रेनिंग ग्रुप के सदस्य सीमा पर जाने के लिए तैयार हैं। यदि भारत सरकार इजाजत दे तो ट्रेनिंग स्कूल से जुड़े सभी सदस्य अपनी सेवाएं दे सकते हैं। रिटायर्ड सभी 23 सदस्यों को ग्लेशियर पर युद्ध करने का अनुभव हैं। वे जवानों को ट्रेंड भी कर सकते हैं।
इन्होंने मांगी इजाजत
ब्रिगेडियर अशोक अभेय, ब्रिगेडियर के कुमार, ब्रिगेडियर बीपी सिंह, कर्नल समीरानंद, सूबेदार मेजर नारायण सिंह बोरा, ऑनरेरी कैप्टन दीपक ठाकुर, कैप्टन हीरा सिंह, कैप्टन देशराज, कैप्टन चेतराम, कैप्टन ओम प्रकाश (डोगरा रेजीमेंट), कैप्टन विनोद कुमार और भरत सिंह (9 पैरा), कैप्टन कालम सिंह (जाट रेजीमेंट), कैप्टन बंशीलाल और कैप्टन जोगेंद्रपाल (जेकेएलआई), कैप्टन चंचल सिंह (18 कुमाऊं), कैप्टन राम सिंह (महार रेजीमेंट), सूबेदार मेजर कुंवर सिंह (4 कुमाऊं), सूबेदार मेजर दीवान राम, बच्ची सिंह, सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह और नायब सूबेदार ध्यान सिंह।