कैलाश मानसरोवर की यात्रा हिंदुओं की सबसे पवित्र यात्रा मानी जाती है। लेकिन वीजा और अधिक खर्चीली होने के कारण गिने चुने लोग ही इस यात्रा पर जा पाते हैं। जो व्यक्ति कैलाश यात्रा पर नहीं जा सकता है वह आदि कैलाश के दर्शन कर सकता है।
ज्योलिंकांग में स्थित पार्वती सरोवर यहां का मुख्य आकर्षण है। मान्यता के अनुसार, आदि कैलाश के दर्शन का भी तिब्बत में स्थित कैलाश मानसरोवर जितना ही महत्व माना जाता है। सड़क बनने के बाद यहां पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इससे धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा।
सीमा के लिए सड़कों का निर्माण कर रहे बीआरओ ने सीमांत के एक हजार लोगों को रोजगार दिया है। बीआरओ ने व्यास घाटी के सीमांत गांव बुंदि, गर्ब्याग, नपल्च्यू, गुंजी, नाबी, रोकांग, कुटी सहित दारमा और चौदास घाटी के अलावा अन्य गांव गलाती, जुम्मा, जिप्ति, पांगला के सैकड़ों युवक, युवतियों, महिला और पुरुषों को मजदूर, कारपेंटर, चालक सहित अन्य ट्रेड के रूप में रोजगार दिया है।
बुदि निवासी मेट सुरेश रायपा ने बताया ग्रिफ ने सीमांत के लगभग एक हजार लोगों को रोजगार दिया है। यह लोग मजदूरी के साथ- साथ उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित अपने घरों की देखभाल भी कर रहे हैं। गुंजी के प्रधान सुरेश गुंज्याल और रोकांग प्रधान अंजू रोंकली का कहना है कि बीआरओ जहां सीमांत के गांवों को सड़कों से जोड़ रही है वहीं कोरोना संकटकाल में भी हजारों युवाओं को रोजगार दिया है।