कुछ सैनिक घोड़ों पर सवार थे और कुछ पैदल। स्थानीय लोगों से आईटीबीपी को इसकी खबर मिली। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय गश्ती दल (आईटीबीपी और सेना) के वहां पहुंचने से पहले ही चीनी सैनिक उस क्षेत्र को खाली कर लौट चुके थे। हालांकि आईटीबीपी और सेना की ओर से भी इस संबंध में कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी गई।
स्थानीय लोगों से मिली खबर
खबरों के मुताबिक, चीनी घुसपैठ की जानकारी स्थानीय लोगों से आईटीबीपी को मिली। इसके बाद गश्ती दल वहां पहुंचा, लेकिन तब तक चीनी सैनिक वहां से जा चुके थे।
पहले भी कई बार घुसपैठ की गुस्ताखी
चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। इससे पहले भी वह उत्तराखंड के बाड़ाहोती क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लांघने की गुस्ताखी कर चुका है। सितंबर 2018 में खबरें आई थीं कि चीनी सैनिकों ने बाड़ाहोती में तीन बार घुसपैठ की है।