चिरंजीलाल ने बताया कि उन्होंने ब्रह्मखाल-कुमारकोट सड़क के साथ पीजी कॉलेज का नाम उनके पिता के नाम पर रखने की मांग की थी, लेकिन वो भी पूरी नहीं हुई। उन्हें देहरादून में जमीन देने की कार्रवाई भी शुरू हुई थी, लेकिन परवान नहीं चढ़ पाई।
सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए ग्रामीण निर्माण विभाग ने 15.21 लाख का आगणन तैयार किया था। तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने इसे अपनी घोषणा में शामिल किया था, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाई।
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। न ही इसके लिए मुझसे संपर्क किया गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी इसके लिए अपनी जमीन दे रहे हैं तो किसी योजना के तहत भवन बनवा दिया जाएगा।
-मयूर दीक्षित, डीएम उत्तरकाशी