स्ट्रलाइट टेक्नोलॉजी लिमिटेड सिडकुल हरिद्वार और जिला शिक्षा अधिकारी हरिद्वार के कार्यालय में भी अलग-अलग टीमें पहुंची। यहां से भी टीडीएस के लाखों रुपये के गोलमाल से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए।
इसके अलावा एक टीम ने हल्द्वानी स्थित कुर्मांचल कंस्ट्रक्शन का सर्वे करने पहुंची। संयुक्त आयकर आयुक्त टीडीएस लियाकत अली का कहना है कि इन सभी संस्थानों पर कई वर्षों से टीडीएस का बकाया था।
इन्हें आयकर विभाग लगातार नोटिस भेज रहा है लेकिन कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। आखिरकार आयकर अधिनियम के तहत सर्वे की कार्रवाई अमल में लाई गई है। दस्तावेज की जांच पड़ताल की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राज्य कर विभाग की एसटीएफ टीम ने कैटरिंग, एडवरटाइजिंग और इवेंट मैनेजमेंट आदि क्षेत्रों में काम करने वाली फर्मों की जांच की। डिप्टी कमिश्नर एसटीएफ यशपाल सिंह के मुताबिक जांच में पिछले दो दिनों के भीतर 15 करोड़ की सप्लाई पर लगभग दो करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी गई।
डिप्टी कमिश्नर यशपाल सिंह के मुताबिक पिछले दो दिनों में पांच जगह छापा मारा गया। नेहरू कॉलोनी, नत्थनपुर, गढ़ीकैंट, कौलागढ़ रोड और राजपुर रोड में कैटरिंग, एडवरटाइजमेंट और इवेंट मैनेजमेंट की फर्मों में छापा मारकर कर से संबंधित कागजात जब्त किए गए।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों से जीएसटी के रूप में तीन लाख रुपये भी जमा कराए गए हैं। अन्य राशि भी जल्द ही वसूल की जाएगी। आयुक्त कर सौजन्य के निर्देश पर और अपर आयुक्त राजेश टंडर की अगुवाई में हुई कार्रवाई में असिस्टेंट कमिश्नर जयदीप रावत, वंदना नौटियाल, राज्य कर अधिकार कबीर चौहान, परक्रम प्रसाद, सुनील रावत शामिल थे।