दस लाख या इससे ऊपर की कीमत की जमीन बिना पैन कार्ड खरीदने वालों पर आयकर विभाग की नजर है।
विभाग अब रजिस्ट्रार कार्यालय से जमीनों की ऐसी सभी खरीद फरोख्त का हर छह माह में डाटा ले रहा है। अभी तक यह सीमा 30 लाख रुपये थी। साथ ही दो लाख से ऊपर किसी को कैश पेमेंट करने पर भी दोनों पक्षों के लिए पैन कार्ड या फॉर्म 61 अनिवार्य कर दिया गया है।
अभी तक 30 लाख रुपये या इससे ऊपर की जमीन बिना पैन कार्ड दिए खरीदने या बेचने पर फॉर्म 60 भरना अनिवार्य था। इसके बाद उनकी जानकारी रजिस्ट्रार कार्यालय से हर साल फॉर्म 61 में आयकर विभाग को भेजी जाती थी। हाल ही में आयकर विभाग ने नियम में बदलाव कर दिया है।
अब अगर दस लाख या इससे ऊपर की जमीन बिना पैन कार्ड खरीदते या बेचते हैं तो विक्रेता और क्रेता के लिए फॉर्म 60 भरना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही यह जानकारी रजिस्ट्रार कार्यालय की ओर से आयकर विभाग को हर छह माह में फॉर्म 61 में भेजी जाएगी।
आयकर विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इसके अलावा अगर कोई दो लाख रुपये या इससे ऊपर पेमेंट कैश में किसी को करता है तो कैश पाने वाले का पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा। अगर पैन कार्ड नहीं है तो उसका फॉर्म 61 में रिटर्न भरना होगा।
अभी तक आयकर विभाग में 30 लाख या इससे ऊपर की जमीन का डाटा भेजा जाता था। विभाग ने इसमें बदलाव करते हुए यह सीमा घटाकर 10 लाख रुपये कर दी है। साथ ही पैन कार्ड न होने पर फॉर्म 60 भरने वाले क्रेता-विक्रेता का पूरा डाटा फॉर्म 61 में हर छह माह में आयकर को भेजा जा रहा है।
- रजनीश अग्रवाल, चार्टर्ड अकाउंटेंट