आयकर विभाग ने उत्तराखंड वन विकास निगम को 56 करोड़ की मांग का नोटिस जारी करते हुए उसके खाते सीज कर दिए हैं।
कार्रवाई पर कर्मचारी संगठन ने विरोध जताया है। आगामी अप्रैल माह के दूसरे सप्ताह से आंदोलन की चेतावनी दी है। निगम की प्रांतीय कार्यकारिणी की अरण्य विकास भवन में हुई बैठक में वक्ताओं ने राज्य बंटवारे के वक्त उत्तर प्रदेश वन निगम के 173 करोड़ रुपए भुगतान की सहमति के बावजूद अभी तक राशि न दिए जाने पर रोष जताया।
उनका कहना था कि वर्ष 2013-14 तक यह राशि ब्याज सहित 414 करोड़ बैठती है। वहां से एक भी रुपया न मिलने के बावजूद बीते साल आयकर विभाग ने वन विकास निगम के खातों से 50 करोड़ रुपए जब्त कर लिए।
आरोप लगाया कि आयकर न्यायाधिकरण से फैसला निगम के पक्ष में आने के बावजूद राशि लौटाई नहीं जा रही, उस पर 2007-08 से लेकर 2012-13 तक का आयकर नोटिस जारी कर दिया गया है।
खातों के सीज के संबंध में आरआर अग्रवाल, संयुक्त आयुक्त (आयकर) का कहना था कि यह रुटीन की कार्रवाई है। बैठक में अध्यक्ष संतोष रावत, ललित शर्मा, हरदेव सिंह रावत, गोकुल पंवार, नरदेव उनियाल, श्रीकृष्ण रतूड़ी, केशर सिंह नेगी, गिरीश नैथानी, सुनील पुंडीर, बीके थपलियाल आदि उपस्थित रहे।