उनके पास से 450 निवेशकों की जानकारी मिली है, जिनकी केवाईसी की गई थी। आशंका जताई जा रही है निवेशकों की संख्या इससे ज्यादा भी हो सकती है। प्राथमिक जांच में अभी तक चार निवेशकों के लेजर मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इसमें देहरादून के भी कई निवेशक शामिल हैं, जिन्होंने बिटकॉइन में अच्छी रकम निवेश की है।
क्या होता है बिटकॉइन
बिटकाइन एक डिजिटल मुद्रा है। यह पहली विकेन्द्रीकृत डिजिटल मुद्रा है, जिसका अर्थ है कि यह किसी केंद्रीय बैंक द्वारा संचालित नहीं होती। कंप्यूटर नेटवर्किंग पर आधारित भुगतान हेतु इसे निर्मित किया गया है। इसका विकास सातोशी नकामोतो नामक एक अभियंता ने किया है।
भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से 24 दिसंबर 2013 को बिटकॉइन जैसी वर्चुअल मुद्राओं के संबंध में सूचना जारी की गई थी, जिसमें कहा गया था की इन मुद्राओं के लेन-देन को कोई अधिकारिक अनुमति नहीं दी गयी है। इसका लेन-देन करने में कईं स्तर पर जोखिम है। इसके बाद एक फ रवरी 2017 और पांच दिसंबर 2017 को रिजर्व बैंक ने दोबारा इस मुद्रा के बारे में सचेत किया है। हालांकि कई देशों में यह मुद्रा अवैध है। अभी तक केंद्र सरकार ने इस मुद्रा को अवैध घोषित नहीं किया है।