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चिंता: उत्तराखंड में पांच साल में 29 बेरोजगारों ने की आत्महत्या, पढ़िए जारी आंकड़ों के मुताबिक कौन सा राज्य किस पायदान पर

Thu, 17 Mar 2022 02:31 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

उत्तराखंड में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की बेरोजगारी दर अधिक रही। 2020-21 की पहली तिमाही में महिलाओं में बेरोजगारी दर 22.9 प्रतिशत थी। जबकि पुरुषों में 27.6 प्रतिशत आंकी गई।
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unemployment - फोटो : Social Media
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विस्तार
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उत्तराखंड में 2016 से 2020 के बीच पांच सालों में 29 लोगों ने बेरोजगारी के कारण आत्महत्या की। उत्तराखंड की तुलना में बेरोजगारी के कारण आत्महत्या की दर पड़ोसी राज्य हिमाचल में अधिक रही। यह खुलासा लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्र सरकार ने दिया।

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इस बीच उत्तराखंड में शहरी बेरोजगारी की दर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हाल ही में राष्ट्रीय कार्यालय ने आवधिक श्रमबल सर्वेक्षण के आंकड़े जारी किए। आंकड़ों के मुताबिक, उत्तराखंड में 2021 जनवरी फरवरी और मार्च की तिमाही में 15 से 29 साल के शहरी युवाओं में बेरोजगारी 34.5 प्रतिशत रही, जबकि पहली तिमाही में केरल 47 प्रतिशत बेरोजगारी दर देश में सबसे अधिक, 46.3 प्रतिशत के साथ जम्मू कश्मीर दूसरे और 40 प्रतिशत बेरोजगारी दर के साथ छत्तीसगढ़ देश में तीसरे स्थान पर है। 

जनवरी-फरवरी और मार्च 2021 में 34.5 प्रतिशत तक पहुंच गई
उत्तराखंड में अप्रैल से जून 2020 में उत्तराखंड की बेरोजगारी 37.7 प्रतिशत जो जुलाई-अगस्त-सितंबर माह में घटकर 22.4 प्रतिशत रह गई और अक्तूबर- नवंबर-दिसंबर माह में बढ़कर 27.1 प्रतिशत पहुंच गई। जनवरी-फरवरी और मार्च 2021 में यह और बढ़ी और 34.5 प्रतिशत तक पहुंच गई।
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रिपोर्ट में यह तथ्य भी सामने आया कि उत्तराखंड में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की बेरोजगारी दर अधिक रही। 2020-21 की पहली तिमाही में महिलाओं में बेरोजगारी दर 22.9 प्रतिशत थी। जबकि पुरुषों में 27.6 प्रतिशत आंकी गई। दूसरी तिमाही में महिलाओं की बेरोजगारी दर घटकर आठ फीसदी हो गई, जबकि पुरुषों की भी 10.5 प्रतिशत तक कम हो गई। 2021-22 की पहली तिमाही में महिलाओं की 17.4 प्रतिशत बेरोजगारी दर की तुलना में पुरुषों की बेरोजगारी दर 16.9 प्रतिशत रही।

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2021 की पहली तिमाही में 15 से 29 आयु वर्ग में राज्यवार बेरोजगारी दर 

प्रदेश  बेरोजगारी दर
केरल 47
जम्मू कश्मीर 46.3
छत्तीसगढ़ 40.0
उत्तराखंड 36.6
राजस्थान 35.2
झारखंड 34.2
मध्यप्रदेश 31.4
असम 31.3
उड़ीसा 30.3
तमिलनाडु 28.5
तेलंगाना 27.4
हिमाचल  26.6
महाराष्ट्र 26.2
हरियाणा 25.8
बिहार 25.8
उत्तरप्रदेश 24.7
आंध्रप्रदेश 22.6
पंजाब 20.3
पश्चिम बंगाल 19.4
कर्नाटक 17.2
दिल्ली 16.7
गुजरात 11.6

(स्रोत : एनएएसओ की रिपोर्ट)

बेरोजगारी के कारण उत्तराखंड में भी आत्महत्याओं के मामले दर्ज हुए हैं। यह तथ्य लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में सामने आया। जानकारी दी गई कि वर्ष 2016 से 2020 के मध्य देश में 3548 लोगों ने बेरोजगारी के कारण आत्महत्याएं कीं। उत्तराखंड में ऐसे 29 मामले दर्ज हुए। उत्तराखंड की तुलना में पड़ोसी राज्य हिमाचल में बेरोजगारी के कारण आत्महत्या के बहुत अधिक मामले दर्ज हुए हैं। पांच सालों में वहां 230 लोगों की आत्महत्या की वजह बेरोजगारी थी।

बेरोजगारी के कारण आत्महत्या के मामले
राज्य   2016 2017   2018 2019 2020
उत्तराखंड  04  01 07 0   17
हिमाचल 12 40 94  64    20

(स्रोत : लोकसभा में प्रश्न का उत्तर)

चुनाव से पहले सरकार भी थी दबाव में
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी बड़ा मुद्दा था। इस मुद्दे की प्रदेश सरकार को पहले से ही आहट हो चुकी थी। दबाव ही था कि ऐन चुनाव से पहले सरकार को सरकारी विभागों में खाली हजारों पदों को भरने की प्रक्रिया को आनन फानन में शुरू करना पड़ा। कुछ पदों पर भर्ती की प्रक्रिया ने जोर भी पकड़ा। चुनाव में सभी विरोधी दलों ने बेरोजगारी को प्रचार का मुख्य हथियार बनाया।
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