एचएसएल ने पहली बार नौसेना के लिए डाइविंग सपोर्ट वेसल तैयार किया है। इसकी विशेषतता यह है आपात स्थिति में समुद्र के अंदर पनडुब्बी में कोई खराबी आती है तो उसे ठीक करने में डाइविंग सपोर्ट वेसल मददगार साबित होगी। निस्तार डाइविंग सपोर्ट वेसल को 18 जुलाई 2025 को नौसेना को सौंप दिया गया। जबकि दूसरा निपुण नाम डाइविंग सपोर्ट वेसल का ट्रायल चल रहा है। कुछ माह के भीतर इसे कमीशन किया जाएगा।
इस जहाज से एक ट्यूब के माध्यम से नियंत्रित दबाव में छह सदस्यों को समुद्र के अंदर भेजा जाता है। जो 48 घंटे तक सुरक्षित इस ट्यूब के अंदर रह कर पनडुब्बी में आई खराबी को टीक कर सकते हैं। हिंद महासागर में निगरानी के लिए क्लासिफाइड प्रोजेक्ट में काम कर रहा है। एचएसएल ने अब तक 202 शिप तैयार करने के साथ 2040 शिप व छह पनडुब्बी की मरम्मत कर चुका है।
एचएसएल के अधिकारी के अनुसार एक शिप को तैयार करने में दो हजार से कर्मचारी काम करते हैं। वर्ष 2020-21 के बाद से एचएसएल लगातार लाभ में है। 2024-25 में 284 करोड के लाभ में है। एचएसएल रक्षा क्षेत्र के अलावा निजी व ऑयल सेक्टर के लिए शिप तैयार करता है। इंजन को छोड कर बाकी शत प्रतिशत पनडुब्बी व शिप का निर्माण भारत में हो रहा है।