फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्यसभा में उठा आईएमए भर्ती घोटाला

Thu, 13 Feb 2014 11:10 AM IST
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में ग्रुप सी और डी की भर्तियों में हुई धांधली का मामला बुधवार को राज्यसभा में उठा।
विज्ञापन


पढ़ें, भगोड़ा घोषित उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री पहुंचे कोर्ट

सांसद जुबीन ईरानी ने आईएमए में हुई सिविल पदों के की भर्ती प्रक्रिया में घोटाले से संबंधित प्रश्न पूछा।

रक्षा मंत्री एके एंटनी ने लिखित जवाब में स्पष्ट किया है कि भर्तियों के लिए बने चयन बोर्ड के कुछ अधिकारियों पर पद का दुरुपयोग कर फर्जी दस्तावेज वाले अयोग्य अभ्यर्थियों को तैनात करने का मामला सामने आया है।

सीबीआई ने दो अलग-अलग मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर है।

क्या है घोटाला
गौरतलब है आईएमए में हुई भर्तियों का खुलासा अमर उजाला ने अक्टूबर माह में किया था। में दो बरस पहले हुई ग्रुप सी और डी श्रेणी की 283 पदों पर भर्तियों में कई अभ्यर्थियों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी मिलने का खुलासा हुआ था।
विज्ञापन


पढ़ें, केदारनाथ धाम के लिए 'खतरा' बनेगा मलबा

इसके बाद सीबीआई ने जांच शुरू कर तीन सैन्य अधिकारियों सहित 28 अभ्यर्थियों के खिलाफ 3 जनवरी को दो मुकदमे दर्ज किये थे।

जुड़ रहे हैं अभ्यर्थियों और बोर्ड के बीच तार
भारतीय सैन्य अकादमी में फर्जी दस्तावेजों पर हुई ग्रुप सी और डी की भर्तियों में सीबीआई संस्थान के भर्ती चयन बोर्ड और अभ्यर्थियों के बीच सांठगांठ के तार जुड़ रहे हैं। इसके लिए जांच एजेंसी आईएमए का पुराना रिकार्ड खंगाल चुकी है।

पढ़ें, 22 फरवरी को उत्तराखंड में होंगे राहुल गांधी

एजेंसी ने कई जगहों पर दबिश देकर ऐसे तथ्य जुटाए हैं। सूत्रों की मानें तो फर्जीवाड़े में कई और अभ्यर्थियों के नाम जुड़ सकते हैं। जांच एजेंसी के लिए सबसे अहम फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले नेटवर्क को पकड़ना है।

इससे पैसे के लेन-देन का खेल भी सामने आ जाएगा। भर्ती प्रक्रिया के दौरान तत्कालीन एक ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारी की भूमिका को लेकर सीबीआई अपनी जांच बढ़ा रही है।

पढ़ें, उत्तराखंड को मिली दो नई ट्रेंनों की सौगात

नामजद तीन अन्य सैन्य अधिकारियों लेफ्टिनेंट कर्नल जगदीश बिश्नोई, लेफ्टिनेंट कर्नल अखिलेश मिश्रा और लेफ्टिनेंट जनरल अंब्रीश तिवारी को अभी तक एजेंसी ने बयान लेने के लिए नहीं बुलाया है।
विज्ञापन


सिविल स्टाफ के लिपिक संवर्ग में एक वरिष्ठ कर्मचारी की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। माना जा रहा है कि एजेंसी जल्द ही तीनों नामजद सैन्य अधिकारियों को पूछताछ के लिए तलब करेगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें