कहीजुरी खर्द कानपुर निवासी अभिषेक कुमार सिंह शनिवार को सेना में अफसर बन गए। अभिषेक सिंह परिवार में सबसे छोटे हैं। दो बड़ी बहनें हैं। एक डॉक्टर, जबकि दूसरी अधिवक्ता हैं। पिता विशुन सिंह आर्मी से रिटायर्ड हैं। मां उषा सिंह गृहणी हैं। परिजनों ने बताया कि वे पीओपी में आना चाहते थे। इसकी तैयारी भी की थी। लेकिन, कोविड के चलते लगी रोक की वजह से वे नहीं आ सके। समारोह में शामिल नहीं होने का उन्हें मलाल है। हालांकि बेटे को सैन्य अफसर बनने की खुशी काफी है।
बचपन से था अफसर बनने का सपना
हिमाचल प्रदेश के मंडी निवासी अमन शर्मा भी बतौर अफसर सेना में शामिल हो गए हैं। अमन को गर्व है कि वह अब देश की सेवा करेंगे। अमन के पिता ज्योति प्रसाद शर्मा भी फौज में थे। अमन का कहना है कि उनका बचपन से सपना था कि वह सेना में अफसर बने। आज उनका सपना साकार हो गया है। जिससे वह खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं।
अपने गांव के दूसरे अफसर हैं निहाल जम्वाल
जम्मू के बीरपुर निवासी निहाल जम्वाल बतौर अफसर सेना में शामिल हो गए हैं। निहाल की मानें तो वह अपने गांव में दूसरे सैन्य अफसर हैं। उनके पिता वहीं संस्कृत के टीचर हैं, जबकि मां गृहणी हैं। उनका कहना है कि उनका लगाव बचपन से ही सेना के प्रति था। विपरीत हालतों के बाद भी आज उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। इसलिए वह आज बहुत खुश है।