पाकिस्तान से सटी सीमा पर मौजूदा हालात और घाटी के हालात पर सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने कहा कि पड़ोसी मुल्क हमारी सीमा में घुसपैठ कराने की लगातार कोशिश कर रहा है। लेकिन, हमारी सेना उनके नापाक इरादों को कामयाब नहीं होने दे रही है। घाटी में आतंकवाद को करारा जवाब दिया जा रहा है। स्थानीय लोग अब आतंक से तंग आ चुके हैं।
वह लगातार आतंकियों के बारे में सेना को इनपुट भी दे रहे हैं। उसी इनपुट्स पर सेना ऑपरेशन चलाकर आतंकियों का सफाया भी कर रही है। पिछले दस दिन में 15 से अधिक आतंकियों को मारा जा चुका है। घाटी में सेना, पैरा मिलिट्री फोर्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के बीच बेहतर सामंजस्य से ऑपरेशन ऑल आउट अपने अंजाम तक पहुंच रहा है।
गलवान क्षेत्र में दोनों देशों की सेना पीछे हटी
चीन की सेना पिछले एक माह से भी अधिक समय से लद्दाख और उत्तराखंड से सटी सीमा पर अपनी सक्रियता बढ़ा रहा है। वह कई बार एलएसी को भी क्रॉस करने की कोशिश कर चुका है। लेकिन, भारतीय सेना चीनी सेना को उसी की भाषा में जवाब दे रही है। वहीं बातचीत के जरिए भी सीमा विवाद का हल ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है।
कुछ दिन पहले लद्दाख के गलवान क्षेत्र को लेकर भारत और चीन के मिलिट्री अफसरों के बीच बातचीत हुई थी। मेजर जनरल लेवल की इस बातचीत में गलवान क्षेत्र में तनाव को कम करने पर चर्चा हुई थी। छह जून को भी दोनों देशों के कोर कमांडरों के स्तर पर बातचीत हुई है। भारत की ओर से इसका नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने किया था। जबकि चीन की ओर से मेजर जनरल लियू लिन बातचीत में शामिल हुए थे। इस वार्ता के बाद गलवान क्षेत्र से दोनों देशों की सेनाएं पीछे हटी।