देहरादून पहुंची केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि नदियों में मानकों में बदलाव लाकर इनमें चुगान की अनुमति देने के लिए इसे लचीला बनाएंगे।
बाढ़ आदि की समस्या से मिलेगी निजात
इससे राज्य की नदियों में चुगान को आसानी से मंजूरी मिल सकेगी और उथले होने की स्थिति में बाढ़ आदि की समस्या से निजात मिलेगी।
जावड़ेकर ने शनिवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत और राज्य के वरिष्ठ अफसरों से मुलाकात में उत्तराखंड में पांच हेक्टेयर वन भूमि पर सड़क, पानी, बिजली आदि 13 प्रोजेक्टों के लिए विकास संबंधी मंजूरी देने के लिए देहरादून में मौजूद वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के नोडल अफसर को अधिकृत करने पर सहमति जताई।
केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार को कैम्पा (कंपनसेटरी अफारेस्टेशन फंड मैनेजमेंट एंड प्लानिंग अथारिटी) के मद के तहत 1200 करोड़ रुपए रिलीज करने का आश्वासन भी दिया।
उधर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्रीय मंत्री से कहा कि आम धारणा है कि विकास और पर्यावरण एक दूसरे के विरोधी हैं, जबकि ऐसा नहीं है।
फिलहाल सरकार राज्य के पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली किसी ऐसी गतिविधि को मंजूरी नहीं देगी जिससे केदारघाटी जैसी आपदा दोबारा आए।
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री जावड़ेकर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक दिन के दौरे पर थे। उन्होंने इंदिरा गांधी नेशनल फारेस्ट एकेडमी के 2012-14 सत्र के दीक्षांत समारोह में भी शिरकत की।