चोरों को पकड़ने की जिम्मेदारी जिस पुलिस पर है, वही चोरी कर रही है। हरिद्वार जिले की बहादराबाद पुलिस पूरे 33 साल से चोरी की बिजली प्रयोग कर रही है।
पहले चौकी थी, आठ साल पहले दर्जा बढ़ाकर थाना बनाया गया तो भी कनेक्शन नहीं लिया गया। वक्त के साथ- साथ थाने में कमरे और उपकरण बढ़ने से बिजली का खर्च भी बढ़ता जा रहा है।
हरिद्वार-रुड़की मार्ग पर स्थित बहादराबाद गांव में अप्रैल 1981 में पुलिस चौकी स्थापित की गई थी। तब बिजली तो जोड़ ली गई पर नियमानुसार कनेक्शन नहीं लिया गया।
राज्य बनने के बाद वर्ष 2006 में चौकी को उच्चीकृत कर थाना बना दिया गया। इसके बाद थाना परिसर में ही बैरक का निर्माण किया गया। बैरक में 50 पुलिसकर्मी रहते हैं।
थानाध्यक्ष के कमरे में एसी, बैरक और कार्यालय में 10 पंखे चलते हैं। दर्जनों लाइटें जलती हैं। सर्दी में हीटर चलते हैं। यद्यपि कटिया डालकर बिजली जलाने वाले इलाके के सैकडों लोगों के खिलाफ चोरी के मुकदमे दर्ज हैं लेकिन ऊर्जा निगम के अधिकारी थाने के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं।