देहरादून में नगर निगम की जमीनों पर हो रहे कब्जों में जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत फिर खुली है।
बीस-बीस हजार रुपए लेकर बसाया हर परिवार
दीपनगर में अवैध निर्माण ढहाने पहुंची नगर निगम की टीम के सामने लोगों ने खुलासा किया कि एक स्थानीय नेता ने प्रत्येक परिवार से बीस-बीस हजार रुपए लेकर बसाया है।
मुख्य नगर अधिकारी (एमएनए) मामले की जांच कराने की बात कह रहे हैं। सोमवार को नगर निगम की जेब्रा टीम ने दीपनगर में कब्जा कर बने 50 से अधिक कच्चे मकानों को ढहा दिया था।
मंगलवार को जानकारी मिली कि संबंधित लोगों ने फिर झोपड़ियां बना ली हैं। इस पर एमएनए हरक सिंह रावत खुद जेब्रा टीम संग मौके पर पहुंचे। टीम ने दोबारा मकान ढहाने शुरू किए तो लोग विरोध करने लगे।
बस्ती वासियों ने खुलासा किया कि उन्होंने जमीन पर कब्जा नहीं किया, बल्कि बीस-बीस हजार रुपए देकर खरीदी है। उन्होंने एमएनए को शपथपत्र भी दिखाया।
बताया कि जमीन दिलाने में एक नेताजी ने उनकी मदद की है। 40 परिवारों से जमीन के एवज में रकम लेने की बात सामने आई है। एमएनए ने कहा कि किसी ने जमीन खुर्दबुर्द करने के लिए फर्जीवाड़ा किया है तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
निगम की जमीन पर कब्जों की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दो महिलाओं समेत तीन गिरफ्तार
जेब्रा टीम की कार्रवाई के दौरान तीखा विरोध हुआ। टीम ने पुलिस फोर्स की मौजूदगी में कुछ निर्माण ढहाने के साथ झोपड़ियों में रखा सामान जब्त कर लिया।
बाद में एमएनए के निर्देश पर नेहरू कॉलोनी थाने में संजय, मीनाक्षी, तनिष्क, जोगेंद्र, कल्ली और मंजू के खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया। पुलिस ने संजय के साथ दो महिलाओं मीनाक्षी और तनिष्क को गिरफ्तार कर लिया।