नैनीताल हाईकोर्ट के पूर्व में आदेश जारी करने के बावजूद टीचर एलिजीबिलिटी टेस्ट (टीईटी) न कराने पर शिक्षा सचिव और निदेशक से जवाब मांगा है।
एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई
कोर्ट ने परीक्षा का कार्यक्रम भी न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
ऊधमसिंह नगर निवासी प्रमोद पांडे की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा गया था कि इंटर कॉलेज गूलरभोज में एलटी पदों के लिए एक विज्ञप्ति जारी की गई थी जिसमें टीईटी अनिवार्य नहीं था।
विभाग की ओर से दोबारा नई विज्ञप्ति जारी कर टीईटी को अनिवार्य कर दिया गया। याची का कहना था कि विभाग द्वारा मात्र एक बार टीईटी-2 की परीक्षा वर्ष 2013 में कराई थी, जबकि हाईकोर्ट द्वारा वर्ष में दो बार टीईटी कराने के आदेश दिए थे।
पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने शिक्षा सचिव और निदेशक से जवाब मांगा है।