शहर में परमिट नियमों को दरकिनार कर दौड़ रहे टेंपो-विक्रम और टाटा मैजिक वाहनों पर कार्रवाई के लिए सिटी बस संचालक शुक्रवार को जनता दरबार पहुंच गए।
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बस संचालकों ने मुख्यमंत्री को बताया गया कि हाईकोर्ट के फैसले की अनदेखी कर किस तरह वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं और उनके लिए आजीविका की दिक्कत आ रही है। मुख्यमंत्री ने उन्हें उचित जांच का आश्वासन दिया है।
बताया कोर्ट की अवमानना
महानगर सिटी सेवा महासंघ अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने बताया कि सिटी बस संचालक ठेका परमिट टेंपो-विक्रमों और टाटा मैजिक के नियम विरुद्घ संचालन के खिलाफ लंबे समय से संघर्षरत हैं।
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इस पर हाईकोर्ट का फैसला भी आ चुका है। कुछ दिन तो आरटीओ ने ऐसे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया। बाद में वह भी बैकफुट पर आ गया, जो कोर्ट की भी अवमानना है।
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उन्होंने कहा नियमों के खिलाफ चल रहे विक्रमों से सिटी बस वालों के सामने आजीविका का संकट आ गया है।
ऐसी व्यवस्था की मांग
डंडरियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री से अपील की गई है कि वे डीएम को एक संयुक्त कार्यदल बनाने को कहें, जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक (ट्रैफिक) और परिवहन विभाग के अधिकारी शामिल हों। ताकि परमिट की शर्तों का उल्लंघन कर चल रहे वाहनों पर तुरंत कार्रवाई हो।