आईआईटी में इंजीनियरिंग विषयों में अंग्रेजी की
हुकूमत हिंदी पर भारी पड़ रही है। आईआईटी रुड़की से निकाले गए ज्यादातर
छात्रों की शिकायत है कि अंग्रेजी को नहीं समझ पाने के कारण बेहतर रिजल्ट
नहीं दे पाए।
वहीं दूसरी ओर संस्थान में अब दो वर्ष की जगह एक वर्ष का अंग्रेजी का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है। वहीं अंग्रेजी विषय में चार सेमेस्टर में आठ क्रेडिट निर्धारित थे। अब क्रेडिट भी घटकर चार रह गए हैं।
आईआईटी से निकाले गए छात्रों के अभिभावकों की माने तो ज्यादातर छात्र पहले साल में अंग्रेजी विषय में कमजोर होने के चलते मेहनत के बावजूद अच्छी परफॉरमेंस देने में सफल नहीं हुए।
कुशीनगर उत्तरप्रदेश निवासी अभिभावक दिलीप कुमार का कहना था कि विभिन्न प्रदेशों आने वाले छात्रों में मेधा की कमी नहीं है लेकिन यहां कठिन विषयों के साथ-साथ अंग्रेजी में पढ़ाई को ठीक से नहीं समझ पाने के कारण छात्रों की मुश्किलें बढ़ी हैं।