पिछले दो दिन से लगातार हो रही बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे बैरागी कैंप, चंडीघाट पुल के नीचे, भूपतवाला, श्यामपुर और कांगड़ी गांव में रहने वालों लोगों को प्रशासन ने शनिवार देर शाम सुरक्षित स्थानों पर जाने के आदेश जारी कर दिए हैं।
तहसीलदार ने बताया कि अब किसी अप्रिय घटना के लिए इस क्षेत्र के लोग स्वयं जिम्मेदार होंगे। लगातार बारिश से शहर से देहात तक लोगों की धड़कने बढ़ गई हैं। ज्वालापुर, सुभाषनगर, शिवालिकनगर, भेल, आर्यनगर, चंद्रचार्य चौक एवं भगत सिंह चौक पर जलभराव से दिनभर आवाजाही बाधित रही।
वहीं नाले चोक होने से कई दुकानों और घरों में गंदा पानी और मलबा घुसने से लोग दिनभर परेशान रहे। गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्तीय इलाकों में रहने वालों की रातों की नींद गायब हो गई है। तटबंध धंसने लग गए हैं। कई गांवों के खेतों में पानी घुस गया है। प्रशासन ने तटवर्तीय क्षेत्र का निरीक्षण कर हाईअलर्ट जारी कर दिया है।
बाढ़ नियंत्रण चौकियों को किया सतर्क
यूपी सिंचाई विभाग के एसडीओ एमके सिंह ने बताया कि पहाड़ों में बारिश जारी रहने की सूचना है। इससे जलस्तर बढ़ने की पूरी संभावना है। प्रशासन को इससे अवगत करा दिया गया है।
तहसीलदार दिनेश मोहन उनियाल ने गंगा के तटवर्तीय क्षेत्रों का दौरा कर ग्रामीणों को अलर्ट कर दिया है। डीएम एचसी सेमवाल ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण चौकियों, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस सहित सभी विभागों को अलर्ट रहने के दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
कांगड़ी, बिशनपुर कुंडी में बाढ़ का खतरा, रतजगा
गंगा का जलस्तर बढ़ने से कांगड़ी और बिशनपुर कुंडी में बने स्पर (दीवार) एवं तटबंध धंसने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार देर शाम बिशनपुर कुंडी व पुरानी कुंडी के ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से सतर्कता बरतने को कहा गया है।
ग्रामीण रमेश, पवन, बाबूराम, सतपाल, रूस्तम, रविंद्र आदि का कहना है कि जलस्तर बढ़ने से वह परिजनों संग मकानों की छतों पर चले गए थे। सभी ने पूरी रात छत पर जागकर काटी। बिशनपुर कुंडी में रह रहे यूसुफ, हनीफ, हुस्न बीबी, मूसा आदि गुर्जरों ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से उन्होंने पूरी रात जाग काटी।
इन्हें झेलनी होगी परेशानी
हरिद्वार में अगर गंगा में पानी और बढ़ता है तो मिस्सरपुर, अजीतपुर, बिशनपुर कुंडी, पुरानी कुंडी, रानीमाजरा, टांडा भागमल, भोगपुर, तिलकपुरी, रायघटी, रणजीतपुर आदि गांवों के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
क्षेत्र के ज्योति, नरेश, मामराज, अशोक, महावीर आदि का कहना है कि दो साल पहले आई बाढ़ के दौरान भी उनकी सैकड़ों बीघा जमीन बह गई थीं।
मुंडाल और बीन उफान पर, यातायात बाधित
चीला क्षेत्र की मीठावाली, बीन, मुंडाल और घासीराम नदी में पानी आने से चीला-ऋषिकेश मार्ग पर यातायात बंद कर दिया है। टाईगर रिजर्व के कई ट्रैक भी ध्वस्त हो गए हैं। चीला के रेंजर डीपी उनियाल ने बताया कि बारिश के चलते शनिवार सुबह से चीला और उसके आसपास के नदी-नाले उफान पर हैं।
इससे ऋषिकेश से चीला के बीच का यातायात बंद कर दिया गया है। हर रोज ऋषिकेश से चीला होकर हरिद्वार तक जाने वाली जीएमओयू (गढ़वाल मोटर आनर्स यूनियन) की बसें भी वाया रायवाला होकर हरिद्वार जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बीन नदी का जलस्तर कम होने पर यातायात सुचारु होगा। मीठावाली नदी पर बना तार जाल बह गया है।