समारोह में 1718 को स्नातक डिग्री, 1129 को स्नातकोत्तर डिग्री दी गई, जबकि 279 स्नातकोत्तर डिप्लोमा, 56 डिप्लोमा, 15 स्नातकोत्तर प्रमाणपत्र और 103 प्रमाणपत्र वाले विद्यार्थी शामिल रहे।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने मुख्यालय समेत देशभर के 39 क्षेत्रीय केंद्रों में 37वां दीक्षांत समारोह मनाया। वहीं, दून में भी क्षेत्रीय केंद्र की ओर से राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में 11 वरिष्ठ नागरिकों समेत 33 सौ अभ्यर्थियों को ऑनलाइन व ऑफलाइन डिग्रियां प्रदान की गई। सभी शिक्षार्थियों की डिग्री डीजी लॉक में उपलब्ध है।
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कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि एसीएस आनंद वर्द्धन, विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र भसीन और इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डाॅ. रंजन कुमार ने संयुक्त रूप से किया। अतिथि एसीएस आनंद वर्द्धन ने शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी में प्रसन्नता व्यक्त की। इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक डाॅ. रंजन कुमार ने केंद्र में संचालित पाठ्यक्रमों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया समारोह में 1718 को स्नातक डिग्री, 1129 को स्नातकोत्तर डिग्री दी गई, जबकि 279 स्नातकोत्तर डिप्लोमा, 56 डिप्लोमा, 15 स्नातकोत्तर प्रमाणपत्र और 103 प्रमाणपत्र वाले विद्यार्थी शामिल रहे। इग्नू ने जेल बंदियों को भी डिग्रियां दी। समारोह में इग्नू के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. जगदंबा प्रसाद, राकेश चंद्र नौनी, आशुतोष रावत, राखी अग्रवाल, निशांत शर्मा, संतोष वर्मा, सुरेश सिंह, चैन सिंह आदि मौजूद रहे।
65 वर्षीय दिब्येन्दू के चेहरे पर आई चमक
समारोह में 65 वर्षीय दिब्येन्दू मुखर्जी को डिस्टिंक्शन के साथ मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री मिली तो उनका चेहरा खुशी से खिल उठा। दिब्येन्दू मुखर्जी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया एवं भारतीय के पूर्व अधिकारी रहे हैं। उन्होंने कहा, शिक्षा उम्र के बंधनों से मुक्त है जिसके लिए इग्नू एक बेहतर विकल्प है। उन्होंने युवाओं को उचित परामर्श देने के लिए मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है।