भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख व राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि इगास पर्व ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड की विभिन्न समस्याओं के समाधान का अभियान है। कहा कि मैं इगास को प्रदेश में पलायन रोकने, रोजगार सृजित किए जाने, पहाड़ में कम हो रहे प्रतिनिधित्व को बढ़ाए जाने व देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के समाधान के रूप में देखता हूं।
कुलदेवी के मंदिर में पूजा-अर्चना की
रविवार को राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी इगास का पर्व मनाने अपने पैतृक गांव कोट ब्लाक स्थित नकोट गांव पहुंचे। बलूनी ने कुलदेवी के मंदिर में पूजा-अर्चना की। बलूनी ने अपने पैतृक घर के आंगन में जुटे ग्रामीणों से कहा कि जिन पगडंडियों पर हमारे पूर्वज चले वे पगडंडियां व गांव बिरान हो गए हैं।
उन्हें जीवंत किए जाने के लिए वर्ष 2018 में सभी से इगास पर्व गांव में मनाए जाने का आह्वान किया गया था। उन्होंने कहा कि कहा कि मन में है कि आने वाले दिनों में यह इगास कई-कई दिनों तक मनाया जाए। बड़े-बड़े स्टेडियमों में इगास के कार्यक्रम हो। कुमाऊं में इसे बूढ़ी दिवाली कहते हैं।
इस अवसर पर सांसद बलूनी की पत्नी दीप्ति बलूनी, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता भाजपा सतीश लखेड़ा, प्रदेश प्रवक्ता विपिन कैंथोला, विधायक पौड़ी मुकेश कोली, भाजपा जिला महामंत्री जगत किशोर बड़थ्वाल, मंडल अध्यक्ष कोट अनिल गुसांई, पौड़ी नगर क्रांति किशोर नेगी, संजय बलूनी, धर्मवीर नेगी, अनूप देवरानी, सुषमा रावत आदि मौजूद रहे।