सैंडविच की तरह होगी ऑन द जॉब ट्रेनिंग
पुराने पाठ्यक्रम में आईजीएनएफए देहरादून में 16 महीने की प्रोफेशन ट्रेनिंग पूरी करने के बाद फील्ड में रहकर चार महीने की ऑन द जॉब ट्रेनिंग करनी होती थी, लेकिन अब 13 महीने बाद प्रशिक्षु फील्ड ट्रेनिंग कर वापस आईजीएनएफए लौटकर बाकी की तीन माह की ट्रेनिंग पूरी करेंगे। प्रोफेसर राजकुमार वाजपेयी ने बताया कि इसे सैंडविच मोड कहा जाता है। 1994 से 2006 तक यही व्यवस्था लागू थी, लेकिन सुविधा के अनुसार इसे बंद कर दिया गया। अब इसे फिर लाया गया है। इससे ट्रेनिंग में फील्ड से मिले फीडबैक पर गहराई से काम किया जा सकेगा।
वन्यजीवों के हमलों से निपटना सिखाएगी पॉलिटिकल इकोनॉमी
नए पाठ्यक्रम में पॉलिटिकल इकोनॉमी ऑफ फॉरेस्टरी लैंडस्केप नया विषय लागू किया गया है। निदेशक डॉ. जगमोहन शर्मा ने बताया कि उत्तराखंड जैसे वन बाहुल्य क्षेत्र की आवश्यकताएं अलग हैं। यहां बंदर कुछ उगने नहीं दे रहा है, हाथी या तेंदुआ हमले कर रहा है। इसके लिए पाठ्यक्रम में सिखाया जाएगा कि यहां पर निर्णय लेने की प्रक्रिया किस तरह की होनी चाहिए, अफसर किस तरह से स्थानीय इकाइयों से जुड़कर इसका समाधान निकालेंगे।
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एआई, ड्रोन सरीखी तकनीकियों को किया शामिल
नए कोर्स के अंतर्गत एक विषय में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, ड्रोन, जीआईएस समेत अन्य कंप्यूटर आधारित तकनीकियों पर जानकारी दी जाएगी। जबकि, दूसरे विषय में इन सभी तकनीकियों का वानिकी पर किस तरह प्रयोग होगा, इसकी जानकारी दी जाएगी।