हरियाणा से उत्तराखंड काडर में आए भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के अधिकारी संजीव चतुर्वेदी की तैनाती पर शुक्रवार की दोपहर मुहर लग गई। उन्हें दिल्ली में मुख्य स्थानिक आयुक्त कार्यालय में बतौर विशेष कार्याधिकारी राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण का दायित्व सौंपा गया है।
गौरतलब है कि बुधवार को शासन में यह तय हुआ था कि संजीव को दिल्ली में मुख्यमंत्री का विशेष कार्याधिकारी बनाने के साथ-साथ एनजीटी में चल रहे मामलों की पैरवी का जिम्मा दिया जाएगा। लेकिन, संजीव ने मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी के पद पर तैनाती न देने के लिए मुख्य सचिव से आग्रह किया था।
बृहस्पतिवार को संजीव की तैनाती का अधिकृत आदेश जारी होना था, लेकिन फाइल के अचानक लापता होने के चलते आदेश नहीं हो सका। आखिरकार शुक्रवार को बीजापुर हाउस में काफी तलाश के बाद फाइल मिली तो दोपहर में उनकी तैनाती का आदेश जारी कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार के तमाम प्रमुख मामले उजागर करने में संजीव चतुर्वेदी चर्चित रहे हैं। इसी के चलते उन्हें मैग्सेसे पुरस्कार से भी नवाजा गया था। कुछ दिन पूर्व उन्होंने राज्य में विजिलेंस अफसर के पद पर तैनाती मांगी थी। लेकिन, उनके तेवरों को देखते हुए फिलहाल यह कुर्सी उन्हें नहीं सौंपी गई।