अपने विज्ञापन में 'नो उल्लू बनाविंग' का दावा करने वाली कंपनी आइडिया सेलुलर सच में क्या करती है, इसकी पोल उस समय खुल गई जब उपभोक्ता फोरम ने आइडिया से एक उपभोक्ता को 34 हजार रुपए चुकाने का आदेश दिया है।
मामला देहरादून का है, दुबई जाने से पहले अंतर्राष्ट्रीय रोमिंग सुविधा के लिए दून के ईस्ट कैनाल रोड निवासी अधिवक्ता मनोज कुमार कोहली ने पैसा जमा कराया, लेकिन भारत लौटने के बाद भी फोन पर सुविधा चालू नहीं हुई।
मनोज कुमार की शिकायत पर उपभोक्ता फोरम ने मामले में आइडिया सेलुलर कंपनी को उपभोक्ता को 34 हजार रुपये चुकाने का आदेश दिया है।