एनएच 74 के भूमि मुआवजे मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी पंकज पांडे की अग्रिम जमानत याचिका पर अब सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकल पीठ में होगी ।
बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति शरद कुमार ने सुनवाई से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वे अधिवक्ता रहते हुए एनएच मामले में पैरवी कर चुके हैं। सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता रुचिरा गुप्ता ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा की कोर्ट में सवा एक बजे इस मामले की जानकारी दी। अधिवक्ता का कहना था कि यह महत्वपूर्ण मामला है और इस प्रकरण में सुनवाई के लिए अन्य पीठ गठित की जाए। इस पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा ने न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकलपीठ को यह मामला संदर्भित किया। अब इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ 28 सितंबर को दिन में दो बजे करेगी।
डा. पंकज पांडे ऊधमसिंह नगर के राष्ट्रीय राजमार्ग घोटाले में निलंबित हैं। उन पर आरोप है कि ऊधमसिंह नगर जिले में बतौर जिलाधिकारी रहते हुए उनके कार्यकाल में दस्तावेजों में हेराफेरी कर राजमार्ग के लिये अधिग्रहीत भूमि का भू उपयोग बदला गया है। करीब 211 करोड़ के इस घोटाले की जांच शासन ने विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपी है। एसआईटी अभी तक 23 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
इनमें पांच निलंबित पीसीएस अधिकारी शामिल हैं। एसआईटी ने इसी मामले में आईएएस अधिकारी डा. पंकज पांडे और चंद्रेश यादव की भूमिका को भी संदिग्ध माना है। एसआईटी इनसे पूछताछ भी कर चुकी है। शासन की हरी झंडी मिलते ही इन दोनों अधिकारियों के गिरफ्तार होने की भी संभावना है।