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दिल्ली में हक की लड़ाई लडेंगे उत्तराखंड के IAS

Mon, 27 Oct 2014 08:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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शासन में गैर आईएएस को सचिव बनाने के मुद्दे पर आईएएस एसोसिएशन ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए अब न्यायालय जाने का रास्ता अपनाया है। एक-दो दिन में दिल्ली कैट या फिर दिल्ली हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल होगी।
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इससे पहले एसोसिएशन की तरफ से प्रदेश के मुख्य सचिव, कार्मिक विभाग के प्रमुख सचिव, केंद्र में डीओपीटी के सचिव और आल इंडिया आईएएस एसोसिएशन के सचिव को एक प्रत्यावेदन भेजा गया था। अब इसी को आधार बनाते हुए दिल्ली कैट या दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होगी।

इसमें डीओपीटी को भी पार्टी बनाया जाना है, इसलिए नैनीताल के बजाय दिल्ली हाईकोर्ट का विकल्प ज्यादा बेहतर लगा।

शासन में इस समय सचिव के पद पर भारतीय विदेश सेवा के विनोद फोनिया पिछले सात साल से कार्यरत हैं। पूर्व मुख्य सचिव सुभाष कुमार उन्हें और दो वर्ष का एक्सटेंशन दिए जाने की फाइल को मंजूरी देकर गए हैं। अब इस फाइल के आधार पर प्रत्यावेदन केंद्र को भेजा जाएगा। हालांकि नए मुख्य सचिव को अभी इसकी भनक नहीं है।
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सचिव पद पर दूसरे गैर आईएएस, दूर संचार सेवा के अफसर दीपक गैरोला हैं। इनका ताजा मामला है। एसोसिएशन इन्हीं के मामले को लेकर ज्यादा मुखर है। इसी मामले को रिट दाखिल करने का आधार बनाया जा रहा है।
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नए चीफ पर ट‌िकी एसो‌स‌िएशन की न‌िगाहें

राज्य के विकास के साथ ही नए मुख्य सचिव नागराजन रविशंकर को सिस्टम के कुछ अनछुए पहलुओ से भी रूबरू होना पड़ेगा। पिछले काफी दिन से आईएएस एसोसिएशन ने तमाम मुद्दे उठाए लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब एसोसिएशन को भी नए चीफ से काफी उम्मीदें हैं।

इनकी भी अपर सचिव बनने की चाह
प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर आए सीआरपीएफ के कमांडेंट धर्मेंद्र सिंह घुगत्याल को अब शासन में अपर सचिव गृह बनाए जाने की तैयारी हो रही है। करीब डेढ़ सप्ताह पहले पीएचक्यू से प्रस्ताव शासन को मिल गया था। एक आईपीएस अफसर को हटाकर घुगत्याल को एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) का सेनानायक बनाया गया था, लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया।

सूत्रों की मानें तो वह शासन में जाना चाहते हैं। घुगत्याल की पहुंच इतनी ऊंची है कि एसडीआरएफ में ज्वाइन करने से मना करने के बाद पीएचक्यू को प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजना पड़ा, ताकि उन्हें शासन में अपर सचिव बनाया जा सके लेकिन पहले से ही शासन में एक आईपीएस पुष्पक ज्योति बतौर अपर सचिव काम कर रहे हैं।

हालांकि सूत्र दावा कर रहे है कि यदि घुगत्याल गृह विभाग जाएंगे तो पुष्पक ज्योति को हटाकर पीएचक्यू भेज दिया जाएगा।
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