प्रदेश में डेंगू का प्रकोप विकराल रूप लेने लगा है। सोमवार को आई एलाइजा रिपोर्ट में प्रदेश के सौ से अधिक मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसमें से 91 मरीज अकेले देहरादून के हैं। वहीं नैनीताल जिले में 11 नए मरीजों में डेंगू पॉजिटिव पाया गया है।
स्वास्थ्य महानिदेशालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदेश में कुल डेंगू रोगियों की संख्या 741 तक पहुंच गई है। राजधानी में डेंगू रोगियों की संख्या 603 से बढ़कर 694 तक पहुंच गई है। इनमें से 37 मरीज अकेले ब्रह्मपुरी क्षेत्र में पॉजिटिव पाए गए हैं। वहीं सिंगल मंडी, राजीव नगर, चमनपुरी, लोहिया नगर समेत क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में डेंगू के मामले सामने आए हैं।
दूसरी ओर नैनीताल जिले में 11 नए रोगियों में डेंगू पॉजिटिव पाया गया है। वहां कुल रोगियों की संख्या 29 तक पहुंच गई है।
प्रभारी स्वास्थ्य महानिदेशक डा. एससी पंत ने बताया कि सभी जिलों में डेंगू नियंत्रण के प्रभावी उपाय किए जा रहे हैं। राजधानी देहरादून, नैनीताल और हरिद्वार के ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
डेंगू से सुरक्षित नहीं राजधानी का कोई इलाका
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- फोटो : Getty Images
राजधानी का कोई भी इलाका डेंगू से सुरक्षित नहीं रह गया है। ज्यादातर इलाकों में रोजाना डेंगू के दो-चार मामले सामने आ रहे हैं। वहीं कई इलाकों में मरीजों की संख्या सौ के पार पहुंच गई है। लगातार सामने आ रहे मामलों के चलते अब लोगों में दहशत बढ़ने लगी है। सामान्य बुखार और वायरल के मरीज भी अस्पताल पहुंचकर डेंगू की आशंका जताते हुए चिकित्सकों पर जांच व भर्ती करने का दबाव डाल रहे हैं।
सोमवार को प्राप्त एलाइजा रिपोर्ट के अनुसार कुल 514 सैंपल की जांच की गई, जिनमें से 91 में डेंगू की पुष्टि हुई है। पथरीबाग से डेंगू का प्रकोप साथ लगती कॉलोनियों मे फैल रहा है। पाम सिटी में भी डेंगू के मामले रिपोर्ट हुए हैं। हालांकि 37 मरीज अकेले ब्रह्मपुरी क्षेत्र के रहने वाले हैं। यहां डेंगू की आशंका के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पिछले हफ्ते दो दिन कैंप लगाए थे। ब्रह्मपुरी क्षेत्र के पार्षद सतीश कश्यप ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में डेंगू के मामले सामने आने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग डेंगू पर नियंत्रण के उपाय नहीं कर रहा है। जिसके चलते क्षेत्र में खतरा बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग कुल डेंगू रोगियों की संख्या छिपा रहा है। वहीं डेंगू की आशंका के चलते लोगों में खौफ बढ़ता जा रहा है। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल समेत सभी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। सामान्य वायरल और बुखार से पीड़ित लोग भी जांच करवाने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।
यह लक्षण दिखे तो सर्तक हो जाएं
डेंगू
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-सिरदर्द और तेज बुखार
-हाथ-पैर ठंडे पड़ना
-पेट में असहनीय दर्द होना
-बार-बार उल्टी होना
-बेहोशी छाना
-मुंह-नाक से खून निकलना
पानी की कमी से बचें
डेंगू के दौरान शरीर में पानी कमी नुकसानदायक हो सकती है। इसलिए मरीज को समय-समय पर पानी पिलाते रहें। इसके अलावा छाछ, नींबू पानी और नारियल पानी भी फायदेमंद होता है। एंटी ऑक्सीडेंट के तत्वों से भरपूर कीवी, किशमिश जैसे फल व मेवें खाएं।
ऐसे करें बचाव
-आसपास साफ पानी जमा न होने दें
-पानी की टंकियों को हमेशा ढ़ककर रखें।
-फॉगिंग और कैमिकल का छिड़काव करें
-जमा पानी में मिट्टी तेल या डीजल डालें
-लक्षण मिलने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें
-जांच करवाने में लापरवाही ना बरतें
सात अतिरिक्त बेड लगाए
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की गई है। अस्पताल के चिकित्साधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने बताया कि डेंगू वार्ड में पहले 20 बेड लगाए गए थे। बाद में मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्देश पर 10 बेड बढ़ाए गए। सोमवार को बेड फुल होने के बाद सात अतिरिक्त बेड लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में डेंगू के 30 रोगी भर्ती है। जरूरत पड़ने पर और भी बेड लगाने की व्यवस्था की जा रही है।
दून स्कूल में भी फैला डेंगू
राजधानी के प्रसिद्ध दून स्कूल में भी डेंगू का हमला हुआ है। सूत्रों के अनुसार स्कूल के कई छात्रों में डेंगू पॉजिटिव पाया गया है। इसके चलते कई छात्रों को वापस घर भेज दिया गया है। बताया जा रहा है कि स्थानीय छात्रों को भी डेंगू की आशंका के चलते घर भेजा गया है।