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गंगा में गंदगी देख मानवाधिकार आयोग सन्न

Fri, 09 Oct 2015 04:03 PM IST
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
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गंगा नदी उद्गम से कुछ आगे बढ़ते ही प्रदूषित हो रही है। होटल, रेस्टोरेंट से निकलने वाली गंदगी सीधे गंगा नदी में गिर रही है।
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राज्य मानवाधिकार आयोग की टीम को खुद निरीक्षण के दौरान यह नजारा दिखा। आयोग ने नाराजगी जताते हुए राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर छह हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है। क्लीन गंगा प्रोजेक्ट की स्थिति जानने के आशय से आदेश की प्रति प्रधानमंत्री कार्यालय को भी भेजी गई है।

राज्य मानवाधिकार आयोग की टीम ने आयोग अध्यक्ष जस्टिस विजेंद्र जैन के नेतृत्व में पिछले दिनों गंगोत्री का दौरा किया था। गोमुख (गंगोत्री) से निकलने वाली भागीरथी (गंगा) नदी में गंदगी देखकर आयोग की टीम भी स्तब्ध हो गई। आयोग ने पाया कि गंगोत्री में तमाम होटल, रेस्टोरेंट और दुकान वाले अपने प्रतिष्ठानों से निकलने वाली गंदगी को सीधे भागीरथी नदी में प्रवाहित कर रहे हैं।
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आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव को आदेश जारी किए हैं। आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि एक तरफ पूरा देश गंगा नदी को निर्मल और प्रदूषण मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। दूसरी तरफ सैकड़ों लोग गंगा को उद्गम स्थल से प्रदूषित कर रहे हैं।

आयोग ने कहा कि घरेलू और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों या दूसरी तरह से गंगा नदी में डाली जाने वाली गंदगी पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार तत्काल कोई ठोस योजना बनाए।
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आयोग ने आदेश में यह भी कहा है कि नमामि गंगे और क्लीन गंगा कार्यक्रम में तब तक सफलता नहीं मिल सकेगी, जब तक हम गंगा और भागीरथी नदी में गंदगी डालना बंद नहीं करेंगे। आयोग में मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।
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