सोमवार को हरकी पैड़ी आने-जाने वाले प्रत्येक रास्ते, संपर्क मार्ग पूरी तरह कांवड़ियों के रंग में नजर आए। राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी गेरुवा रंग ओर गाढ़ा होता जा रहा है। शहर और इसके चारों तरफ बोल बम के जयकारे और डाक कांवड़ के शोर से पूरी शहर की आबादी घरों में ‘कैद’ हो गई है।
कोई किसी काम से घर से निकलने की हिम्मत कर भी पा रहा है तो डाक कांवड़ के रेले की वजह से संपर्क मार्ग और हाईवे पार नहीं कर पा रहे हैं।
प्रेमनगर आश्रम चौराहे के बाद हरकी पैड़ी की तरफ जाने वाले सभी चौराहे, दोराहे, गली, रास्ते और नहर किनारे की ऐसी पटरियां जिनसे शहर के लोग भी जाना पसंद नहीं करते वहां से सोमवार तड़के से देर शाम तक शिवभक्त कतारों में निकलते रहे।
जो घरों से निकले भी, नहीं पार कर सके हाईवे
ऋषिकुल नहर पटरी, कनखल झंडा चौक बाजार का मुख्य मार्ग, अलकनंदा होटल सड़क, बिल्केश्वर रोड, बिरला घाट, चंडी देवी मार्ग आदि रास्तों पर कांवड़ियों का हुजूम रहा। दोपहर की झुलसा देने वाली गर्मी में हाईवे पर या तो कांवड़िए दिखे या फिर ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारी नजर आए। लेकिन सड़क पार करने की हिम्मत कोई स्थानीय नहीं जुटा पाया।
कनखल निवासी एसपी सिंह ने बताया कि उन्हें ज्वालापुर किसी जरूरी काम से जाना था। मुश्किल से हाईवे तक पहुंचा। लेकिन कांवड़ वाहनों के रेले की वजह से सड़क पार करने की हिम्मत नहीं हुई तो उलटे पैर घर लौटना पड़ा।
अब मेले के बाद काम निपटाने पड़ेगा। शिवलोक निवासी राजपाल सिंह का कहना है कि वह भी सिंहद्वार के पास हाईवे पर कांवड़ियों का रैला देखकर जीतपुर में रिश्तेदारों के यहां जाने का साहस नहीं कर पाया।