आपने बाजार से कोई सामान खरीदा और उसमें खराबी या कमी से नुकसान हुआ है या फिर डॉक्टर एवं वकील ने पैसा लेने के बावजूद सेवा में कोताही बरती है तो आप जिला उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
यहां आप 20 लाख रुपए तक की क्षतिपूर्ति का दावा कर सकते हैं। जिला उपभोक्ता फोरम में आप अपने केस की खुद पैरवी करके अपना हक हासिल कर सकते हैं।
नियम यह है कि जिला उपभोक्ता फोरम में आपकी शिकायत दर्ज होने के बाद तीन महीने में फैसला आ जाना चाहिए, लेकिन पिछले कुछ समय में उपभोक्ताओं की जागरूकता की वजह से उपभोक्ता फोरम में शिकायतें बढ़ी हैं।
यही वजह है कि देहरादून जिला उपभोक्ता फोरम में एक हजार से अधिक मामले लंबित हैं। अधिकतर मामले मोबाइल, बैंक और बीमा कंपनियों से संबंधित हैं। कुछ मामले अन्य विभागों एवं कंपनियों के हैं। फोरम में पूर्व में कोरम पूरा नहीं होने से भी लंबित मामले बढ़ते चले गए। मामले अधिक लंबित होने से कई बार फैसला आने में समय लग जाता है।
एक्ट में प्रावधान है कि उपभोक्ता चाहे मामले की पैरवी के लिए वकील रख सकता है या खुद अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है। बहुत सारे लोग ऐसे हैं जो अपने मामले की खुद पैरवी करते हैं।
- रजिया बेग, पूर्व चेयरमैन बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड
उपभोक्ता फोरम में तेजी से फैसले आते हैं। जिसे कानूनी प्रक्रिया की अधिक जानकारी नहीं है वह भी अपने मामले की खुद पैरवी कर सकते हैं।
- सुयश कुकरेती, अधिवक्ता
20 लाख से अधिक के दावे पर यहां करें शिकायत
राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण कमीशन प्रत्येक राज्य में होता है। जब वस्तु की कीमत, सेवा या मुआवजा 20 लाख से एक करोड़ रुपए तक हो, तो राज्य उपभोक्ता कमीशन में शिकायत कर सकते हैं।
एक करोड़ से अधिक के लिए यहां करें शिकायत
राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण कमीशन का क्षेत्राधिकार एक करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की वस्तु, सेवा या मुआवजे के लिए होता है। एक करोड़ रुपए से अधिक के लिए यहां दावा किया जा सकता है।
कहां दर्ज कराई जा सकती है शिकायत
- जहां पर वाद का कारण पैदा हुआ हो
- जहां दूसरा पक्ष रहता है
- जहां दूसरा पक्ष व्यवसाय करता हो
यह कर सकते हैं शिकायत
- कोई भी उपभोक्ता
- कोई भी उपभोक्ता संघ
- कई उपभोक्ताओं के समान हित के लिए कोई एक या अधिक उपभोक्ता
आरोपों के समर्थन में यह दस्तावेज जरूरी
यदि आपने कोई सामान खरीदा है, जिसमें खराबी या कमी मिली है और उससे नुकसान हुआ है तो जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर कर सकते हैं। आरोपों के समर्थन में आपके पास कुछ आवश्यक दस्तावेज होना जरूरी है।
1- खरीदे गए सामान की पक्की रसीद
2- वारंटी कार्ड की छाया प्रति
3- शिकायतकर्ता द्वारा मांगा गया मुआवजा
4- शिकायतकर्ता या एजेंट के शिकायती प्रार्थना पत्र पर नाम, पता व हस्ताक्षर
उपभोक्ता के अधिकार
- खराब सामान के बदले वह सही वस्तु ले सकता है
- वस्तु या सेवा के लिए दिया गया पैसा वापस ले सकता है
- नुकसान एवं क्षति के लिए मुआवजा ले सकता है
- खरीदे गए सामान की वजह से हुई मानसिक क्षति का दावा कर सकता है
शिकायत दर्ज कराने की समयसीमा
उपभोक्ता वस्तु में खराबी पाए जाने पर सेवा में नुकसान के दो साल के भीतर शिकायत कर सकता है। देरी का कारण सही है तो फोरम इसके बाद भी शिकायत दर्ज करने की अनुमति दे सकता है।
आसान है शिकायत दर्ज कराना
कोई भी उपभोक्ता के रूप में खुद या फिर अपने प्रतिनिधि द्वारा शिकायत कर सकता है। शिकायत डाक से भी भेजी जा सकती है। शिकायत करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होता, न ही किसी वकील की आवश्यकता होती है। शिकायतकर्ता खुद अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है।