गृहकर वसूली में तेजी के बाद देहरादून नगर निगम ने करीब साठ प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है।
निगम को मार्च अंत तक छह करोड़ रुपए वसूलने हैं, जिसमें से साढ़े तीन करोड़ रुपए निगम के खाते में जमा हो चुके हैं।
12 साल की मेहनत के बाद नगर निगम की गृहकर वसूली की कवायद अब रंग लाती दिख रही है। निगम अभी तक चालीस हजार भवनों से हाउस टैक्स वसूल रहा था।
वाणिज्य और गृहकर मिलाकर अभी तक निगम के खाते में सालाना तीन करोड़ रुपए आ रहे थे। पिछले 10 साल में निगम क्षेत्र में करीब 70 हजार भवन बढ़ चुके हैं, लेकिन गृहकर लागू न होने के कारण इन भवनों से वसूली नहीं हो पा रही थी।
हाल में निगम ने गृहकर लागू किया था, जिसके बाद मार्च अंत तक छह करोड़ रुपए वसूली का लक्ष्य रखा गया। निगम से मिली जानकारी के मुताबिक फरवरी शुरुआत तक साढ़े तीन करोड़ रुपए गृहकर वसूला जा चुका है।
अभी करीब डेढ़ माह का वक्त बाकी है। निगम अधिकारियों को उम्मीद है कि लक्ष्य मार्च अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
मेयर विनोद चमोली ने बताया कि सभी कर निरीक्षकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वो लक्ष्य को पूरा करे। मार्च तक लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।
कर्मचारी नकद भी लेंगे
कई करदाताओं ने शिकायत की है कि गृहकर अनुभाग कर की राशि नकद में जमा नहीं कर रहा है। मेयर विनोद चमोली ने कर अनुभाग को नकद या चेक, दोनों तरीकों से रकम जमा करने का निर्देश दिया। मेयर ने कहा कि करदाता ऑनलाइन भी डेबिट या क्रेडिट कार्ड के जरिये भुगतान कर सकते हैं।
इसका कम, मेरा ज्यादा क्यों
नगर निगम कर अनुभाग के कर्मचारी इन दिनों परेशान हैं। दरअसल, करदाता अकसर यह शिकायत लेकर आते हैं कि एक ही मोहल्ले में, एक समान क्षेत्रफल के बावजूद उनके घर का कर पड़ोसी के घर से अधिक क्यों है?
कर्मचारी उन्हें समझाते हैं कि गृहकर की व्यवस्था में भवन स्वामी को खुद अपने कर का आकलन करना है। अगर किसी के पड़ोसी ने कम आकलन किया है तो वह बाद में नगर निगम के निरीक्षण में खुद पकड़ा जाएगा।
15 करोड़ होगी आय
नगर निगम अपने अधीन आने वाले सभी एक लाख दस हजार घरों से कर वसूली करने लगे तो हर साल उसे 15 करोड़ रुपए की आय हो सकती है। निगम अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए छह करोड़ का ही लक्ष्य रखा गया है। लेकिन, इसके बाद छूट जाने वाले घरों से कर वसूली मार्च के बाद भी जारी रहेगी।