फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काफी पेरशान करेगा हाउस टैक्स का ये जिन्न

Sat, 16 Nov 2013 10:39 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
देहरादून में हाउस टैक्स प्रक्रिया का जिन्न फिर बोतल से बाहर निकल आया है। 12 साल बाद भी हाउस टैक्स वसूली की प्रक्रिया अपने मंजिल तक पहुंचेगी, यह कहना मुश्किल है।
विज्ञापन


पहली प्रक्रिया - कॉमन वैल्यू एसेसमेंट
इस प्रक्रिया के तहत भवन स्वामी खुद अपने घर का एसेसमेंट करता है। इसमें हर कमरे के लिए रेट फिक्स हो जाता है। मसलन, किसी भवन में तीन कमरे हैं। प्रत्येक कमरे के लिए सौ रुपए तय रेट रख लिया गया। इस तरह तीन सौ रुपए प्रत्येक वर्ष हाउस टैक्स हुआ।

पढ़ें, इधर सीएम कुर्सी से उठे, उधर सचिन आउट

भवन स्वामी अपने मकान का नक्शा लेकर नगर निगम में आएगा और सर्वेयर नक्शे में दर्ज कमरों के अनुसार हाउस टैक्स निर्धारिण करेगा। इस प्रक्रिया में ज्यादा समय नहीं लगता। कांग्रेस पार्षद इसी प्रक्रिया के समर्थन में हैं।
विज्ञापन

 
नुकसान- किसी का छोटा मकान हो, तो भी उसे बड़े मकानों के बराबर हाउस टैक्स देना होगा। इससे विवाद की स्थिति होगी।

दूसरी प्रक्रिया- रेंटल वैल्यू एसेसमेंट
इस प्रक्रिया के तहत भवन के कमरों के क्षेत्रफल के हिसाब से टैक्स वसूला जाएगा। इसी प्रक्रिया को बोर्ड बैठक में मंजूरी दी गई है। इसमें शहर को चार श्रेणियों में बांटा गया है।

पढ़ें, केदारनाथ में अब एक साल बाद होगी शवों की तलाश

हर श्रेणी के लिए अलग यूनिफॉर्म रेट है। एसेसमेंट की यह प्रक्रिया एक्ट में भी है। इस प्रक्रिया में समय तो लगेगा लेकिन विशेषज्ञ इसे ही व्यावहरिक मान रहे हैं। क्योंकि इसमें जिसका जितना बड़ा निर्माण होगा उसी हिसाब से टैक्स चुकाना होगा।
विज्ञापन


नुकसान- इस प्रक्रिया में समय बहुत लगेगा। वहीं टैक्स तय करने में भ्रष्टाचार पनपने की आशंका भी रहेगी।

फेसबुक पर राय देने के लिए क्लिक करें---
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें