मौसम में उतार-चढ़ाव रोजेदारों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। दिन में चिलचिलाती गर्मी और रात में बारिश के चलते ठंडक से शरीर का मिजाज बिगड़ रहा है।
खान-पान में अस्थिरता से कई रोग सामने आ रहे हैं। बिजली की आंखमिचौली से इफ्तार व सहरी की तैयारियों में खलल पड़ रहा है। रविवार को भी ज्वालापुर में कई बार बिजली गुल हुई।
निजी क्लीनिकों में बढ़ रही मरीजों की भीड़
इस बार रमजान की शुरूआत जून की गर्मी में हुई है। पारा औसतन 40 के आसपास चल रहा है। दिनभर प्यास की शिद्दत के चलते शाम तक शरीर निढाल होने लगता है। इफ्तार में ठंडे पानी व कोल्ड ड्रिंक का इस्तेमाल कष्टकारी साबित हो रहा है।
खानपान का समय बदलने से भी शुरूआत में कई परेशानियां हो रही हैं। इससे रोजेदारों में कोल्ड, जुखाम, बुखार, उल्टी, डायरिया, खांसी आदि की शिकायत सामने आ रही है। रोजाना इफ्तार के बाद निजी क्लीनिकों में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। ज्वालापुर के मुस्लिम बाहुल्य इलाके में एक एक क्लीनिक पर औसतन 20 से 30 मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं।
अघोषित कटौती से हाल बेहाल
अघोषित कटौती भी रोजेदारों के लिए परेशानी का सबब बन रही है। कोई समय निर्धारित न होने के चलते दिन या रात में किसी भी समय बिजली गुल हो जा रही है।
कई बार तो इफ्तार व सहरी के समय बिजली गुल होने से रोजेदारों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। जबकि रमजान से पहले ही इस महीने में कटौती बंद करने की मांग की जा रही थी। ऊर्जा निगम के अधिकारी बिजली कटौती के पीछे मरम्मत का हवाला दे रहे हैं।
ये बरतें सावधानी
मौसम को देखते हुए खानपान और उसके तौर तरीके को लेकर एहतियात बरतने की जरूरत है। जिला अस्पताल के डा. संदीप निगम के मुताबिक भीषण गर्मी में दिनभर भूख-प्यास के बाद इफ्तार में अचानक ज्यादा ठंडा पेय पीने से शरीर का तापमान गड़बड़ा जाता है। लिहाजा ज्यादा ठंडा पानी न पिएं। शुरुआत में कोल्ड ड्रिंक से बचें। फल या हल्के खान पान के बाद पानी पिएं।