फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला आरक्षण पर गरमाई सियासत: कांग्रेस ने लगाया कमजोर पैरवी का आरोप, भाजपा बोली- सरकार निकाल लेगी रास्ता

Fri, 26 Aug 2022 10:47 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

उत्तराखंड मूल की महिलाओं के 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण पर अदालत की रोक के बाद उत्तराखंड में आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला शुरू हो गया  है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने हाईकोर्ट में ठीक से पैरवी नहीं कर पाई।
विज्ञापन
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड मूल की महिलाओं के 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण पर अदालत की रोक के बाद सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस ने सरकार पर अदालत में कमजोर पैरवी करने का आरोप लगाया है और सरकार से सुप्रीम कोर्ट जाने की मांग की। उधर, भाजपा ने कहा कि सरकार कोई न कोई रास्ता निकाल लेगी। अमर उजाला ने इस मसले पर अलग-अलग लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली। सभी ने राज्य की महिलाओं को क्षैतिज आरक्षण देने का समर्थन किया है। 

विज्ञापन


सरकार रास्ता निकाल लेगी
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद भट्ट ने कहा कि राज्य की महिलाओं के 30 प्रतिशत आरक्षण के मसले पर हमने सरकार से बात की है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रदेश सरकार इस मामले में कोई न कोई कानूनी रास्ता निकाल लेगी। भट्ट ने क्षैतिज आरक्षण का समर्थन किया और कहा कि राज्य की महिलाओं का अहित नहीं होने दिया जाएगा। 

ठीक से पैरवी नहीं कर पाई सरकार
महिलाओं को नौकरी में 30 फीसदी क्षैतिज आरक्षण के मसले की सरकार ने हाईकोर्ट में ठीक से पैरवी नहीं कर पाई। यही वजह है कि इस पर रोक लगी है। महिलाओं को इसका लाभ मिलता रहे इसके लिए सरकार सुप्रीम कोर्ट जाए या फिर इसके लिए अध्यादेश लाए। -करण माहरा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष 

विज्ञापन
विज्ञापन

महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलता रहना चाहिए
महिलाएं मजबूती से आगे बढ़े इसके लिए उन्हें नौकरी में आरक्षण का लाभ मिलता रहना चाहिए। मैं इसके लिए मुख्यमंत्री से अनुरोध करुंगी। महिलाओं के हित में जो भी संभव होगा उसे लेकर आवश्यक कदम उठाया जाएगा। - कुसुम कंडवाल, अध्यक्ष राज्य महिला आयोग

सरकार सभी विकल्पों पर विचार कर रही है
उत्तराखंड में  विकास, समाज, आर्थिकी, संघर्ष की धूरी मातृशक्ति ही है। संविधान के अनुच्छेद 15(3)  में भी महिलाओं और भच्चों के लिए कानून बनाने की व्यवस्था है। सरकार अध्यादेश लाने और न्यायालय के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के विकल्प पर विचार कर रही है। - रविंद्र जुगरान,  प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा

ये भी पढ़ें...Auction: जितने में आ जाए चमचमाती नई गाड़ी, शौकीनों ने उतनी रकम में खरीदा 0001 वीआईपी नंबर

क्षैतिज आरक्षण पर भाजपा असहज
उत्तराखंड में आधी आबादी को भाजपा अपने मजबूत वोट बैंक के तौर पर देखती है। महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण पर आए अदालत के फैसले से पार्टी असहज है। उस पर क्षैतिज आरक्षण का बचाव करने का जबर्दस्त दबाव है। माना जा रहा है कि पार्टी की ओर से भी प्रदेश सरकार से अनुरोध किया जाएगी कि वह महिलाओं के क्षैतिज आरक्षण के मामले में पूरी ताकत के साथ कानूनी लड़ाई लड़े। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें