छात्रों का व्यवहारिक ज्ञान में दक्ष होना जरूरी : स्वास्थ्य मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनसिंह रावत ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ ही व्यवहारिक ज्ञान में भी दक्ष होना बेहद जरूरी है। युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध हो, इसके लिए सरकार विवि को मानवीय और तकनीकी संसाधन उपलब्ध करा रही है। अगले डेढ़-दो वर्षों में पिथौरागढ़ और रुद्रपुर में भी मेडिकल कॉलेज बन जाएंगे।
एमबीबीएस में 503, बीएससी नर्सिंग में 851, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग में 321, बीएससी एमएलटी में 247, बीएमआरआईटी में 163, एमएससी नर्सिंग में 108, बीएससी ऑप्टोमेट्री में 34, बीएससी ओटीटी में 50, एमटीपी में 48, बीएससी मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी में 10, पीएचडी में तीन, एमएससी एमएलटी में दो, बीपीटी में 54, डीएमएलटी में 11, एनपीसीसी में आठ, डीडीटी में दो, डीओपीटी में तीन छात्रों को उपाधि दी गई।
इन्हें मिला स्वर्ण पदक
जेसिका अरोड़ा, ममता मेहरा, मनोरमा शर्मा, भावना जोशी, रागिनी, जागृति राय, ऊशी, अनीश कुमार सिंह, अक्षिता पंवार, प्रियंका राणा, शिक्षा जोशी, मोहम्मद दिलदार, आरती, गुरप्रीत कौर, ममता भंडारी, अशोक, अंकिता देवरानी, शीतल कुमारी।