दून के चार कॉलेजों में ही आधी से ज्यादा सीटें खाली
राजधानी में गढ़वाल विवि से संबद्ध चार अशासकीय महाविद्यालयों में ही ग्रेजुएशन की आधी से ज्यादा सीटें खाली हैं। डीएवी कॉलेज में 3,815 में से 2,102 सीटें भरी हैं। डीबीएस में 860 में से 320 भर गई हैं। एमकेपी में 1,380 में से महज 75 भरी हैं। एसजीआरआर में 645 में से 250 सीटें ही भरी हैं। निजी कॉलेजों में तो कई कोर्स ऐसे हैं, जिनमें एक या दो ही दाखिले हो पाए हैं।
मूल निवास पर आरक्षण नहीं
गढ़वाल विवि की कुलपति प्रो. अन्नपूर्णा नौटियाल का कहना है कि केंद्रीय विवि में दाखिलों में पहले से ही 50 प्रतिशत आरक्षण तय है। ऐसे में मूल निवास प्रमाणपत्र पर पांच प्रतिशत आरक्षण का कोई प्रावधान नहीं है। छात्र इस पर पांच प्रतिशत आरक्षण की मांग कर रहे हैं।इ
हमसे संबद्धता तो नियम मानने पड़ेंगे
गढ़वाल विवि कुलपति प्रो. नौटियाल ने कहा, कॉलेज चाहते तो सीयूईटी से छूट का लाभ ले सकते थे। इसके लिए उन्हें राज्य विवि में जाना पड़ता। जब वह गढ़वाल केंद्रीय विवि से संबद्ध हैं, तो नियम भी हमारे ही मानने होंगे।