डिफेंस में मर्ज कराकर कर्मियों को उत्तराखंड स्थित एचएमटी रानीबाग इकाई चलाने का सब्जबाग दिखा रहे सांसद भगत सिंह कोश्यारी 2015 तक भी फैक्ट्री को नहीं चलवा सके।
कोश्यारी के प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, रक्षा मंत्री और उद्योग मंत्री से पैरोकारी के दावे धरे रह गए और उद्योग राज्यमंत्री ने गुरुवार को एचएमटी वाच ग्रुप को बंद करने की राज्यसभा में घोषणा कर दी।
सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने एचएमटी कर्मियों को कई बार आश्वासन दिया कि एचएमटी रानीबाग इकाई को किसी भी हाल में बंद नहीं होने दिया जाएगा। कर्मियों को आश्वासन दिया गया कि प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, उद्योग मंत्री और रक्षा मंत्री से बात हो गई है। फैक्ट्री को डिफेंस में मर्ज कराया जाएगा।
डिफेंस में मर्ज कराने के नाम पर रक्षा विशेषज्ञों की की एक टीम ने 19 मई को फैक्ट्री का दौरा किया। दस दिन बाद बीईएल (भारतीय इलेक्ट्रिक लिमिटेड) की टीम ने भी आकर संभावनाएं तलाशीं।
आश्वासनों की घुट्टी पिलाने में माहिर कोश्यारी ने कर्मियों से यहां तक कहा कि रक्षा विशेषज्ञों की टीम ने सकारात्मक रिपोर्ट दी है और 2016 तक इकाई डिफेंस में मर्ज हो जाएगी। कोश्यारी के तमाम दावों की कलई बृहस्पतिवार को खुल गई। 2016 में इकाई का मर्ज होना तो दूर फैक्ट्री 2015 तक नहीं चल सकी।
उद्योग राज्यमंत्री की घोषणा के बाद एचएमटी कर्मियों में काफी नाराजगी है। एचएमटी इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष संजय बोरा ओर महामंत्री प्रकाश मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के दो बड़े नेताओं ने एचएमटी की आधारशिला रखी थी, दस वर्षों की यूपीए सरकार अपने पुराने नेताओं की धरोहर को नहीं सहज सकी। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एचएमटी से मुंह की फेर लिया।
मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा के नेताओं ने सिर्फ कर्मियों को छलने का काम किया। सांसद कोश्यारी सिर्फ कोरे आश्वासन देते रहे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री हरीश रावत और भाजपा के पांचों सांसदों का पुतला फूंका जाएगा साथ ही रोजी-रोटी बचाने को हाईवे जाम कर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और पांचों सांसदों को इस्तीफा दे देना चाहिए।